नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , बीमा खत्म हाइवा सड़क पर कैसे? देऊरमाल हादसे ने उठाए सवाल – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

बीमा खत्म हाइवा सड़क पर कैसे? देऊरमाल हादसे ने उठाए सवाल

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊


रायगढ़, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनीता गर्ग

भाजपा बूथ अध्यक्ष की मौत के बाद वाहन मालिक से लेकर आरटीओ की निगरानी तक सवालों के घेरे में

रायगढ़ ACGN:- छाल थाना क्षेत्र के ग्राम देऊरमाल के पास 13 अगस्त को हाइवा क्रमांक CG 12 S 5281 की ठोकर से भाजपा बूथ अध्यक्ष जागर साय की मौत के बाद अब सड़क सुरक्षा और परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जबकि पुलिस ने हाइवा को तत्काल अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।



मामले में सबसे गंभीर सवाल यह है कि दुर्घटना में शामिल हाइवा का बीमा कथित तौर पर समाप्त था। यदि जांच में यह सही पाया जाता है तो सवाल उठता है कि बिना वैध बीमा के भारी वाहन सड़क पर कैसे दौड़ रहा था? वाहन मालिक ने नियमों की अनदेखी क्यों की और परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई?



हादसे के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम का प्रयास किया। इसी बीच प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को 25 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई और शव को तत्काल उठाया गया। इस घटनाक्रम ने ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी तेज कर दी कि कहीं आर्थिक सहायता देकर आक्रोश को शांत करने की कोशिश तो नहीं की गई। हालांकि किसी अधिकारी या वाहन मालिक पर संरक्षण का आरोप बिना जांच के लगाना उचित नहीं होगा, लेकिन परिस्थितियों ने ऐसे सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब निष्पक्ष जांच से मिलना चाहिए।



रायगढ़ में कोयला, राखड़ और औद्योगिक सामग्री के परिवहन में बड़ी संख्या में हाइवा चलते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इन वाहनों के बीमा, फिटनेस, परमिट और अन्य दस्तावेजों की नियमित जांच कितनी गंभीरता से होती है। यदि कोई वाहन नियमों के विपरीत सड़क पर चलता पाया जाता है तो उसके खिलाफ समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं होती?



अब जरूरत केवल दुर्घटना की जांच की नहीं, बल्कि संबंधित हाइवा के पूरे दस्तावेजों और वाहन मालिक की जिम्मेदारी की जांच की भी है। यदि बीमा समाप्त होने के बावजूद वाहन चल रहा था तो वाहन मालिक पर नियमानुसार कार्रवाई के साथ यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि विभागीय निगरानी में चूक कहां हुई।



देऊरमाल हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि यह सवाल भी है कि नियम तोड़ने वाले भारी वाहनों पर प्रशासन की नजर आखिर कितनी सख्त है। यदि जांच में कोई लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो जिम्मेदारी तय होना जरूरी है, ताकि किसी दूसरे परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

प्रदीप मिश्रा

निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।

अपने क्षेत्र के छोटे-बड़े समाचार, घटना, दुर्घटना, भ्रष्टाचार एवं अपनी संस्था के विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें: 7647981711, 9303948009।

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now