बारिश, कीचड़ और टूटा पुल… फिर भी नहीं रुके कलेक्टर के कदम, दूरस्थ गांवों में पहुंचकर लिया हालात का जायजा
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN | 7647 981 711, 93039 48009
क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों का किया निरीक्षण, भविष्य में मजबूत और टिकाऊ निर्माण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
कोरबा। लगातार हो रही बारिश के बीच जब नदी-नाले उफान पर हैं और कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हो गया है, तब जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत गुरुवार को शहर से लगभग 90 से 100 किलोमीटर दूर पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के सुदूर गांवों पनगंवा, सुखरीताल, हरदेवा और सरमा पहुंचे तथा बारिश से क्षतिग्रस्त पुल एवं पुलियाओं का मौके पर निरीक्षण किया।

दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। कई स्थानों पर सड़कें कीचड़ से लथपथ थीं और वाहन आगे नहीं बढ़ सके। इसके बावजूद कलेक्टर ने वाहन बीच रास्ते में छोड़ दिया और पैदल चलकर निरीक्षण स्थल तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के साथ क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों का बारीकी से निरीक्षण किया और ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली।

ग्राम सुखरीताल और हरदेवा के बीच नाले में तेज बहाव से क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों एवं अभियंताओं को निर्देश दिए कि बारिश समाप्त होने के बाद नए पुल का निर्माण वैज्ञानिक डिजाइन और पर्याप्त जल निकासी क्षमता को ध्यान में रखकर किया जाए, ताकि भविष्य में भारी वर्षा के दौरान इस प्रकार की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। निरीक्षण के दौरान एसडीएम सहित अन्य अधिकारी भी कठिन रास्ता तय कर मौके पर पहुंचे।

इसके बाद कलेक्टर ने ग्राम पनगंवा में बकई नदी पर क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण किया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत पनगंवा-सरमा मार्ग पर आवागमन की स्थिति का जायजा लेते हुए उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा की। ग्रामीणों ने बताया कि पुल का बड़ा हिस्सा बह जाने से आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। इस पर कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता श्री सी.एस. तँवर को बाढ़ आपदा राहत मद से प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ग्राम सरमा तथा हरदेवा-सुखरीताल के बीच स्थित क्षतिग्रस्त पुलियाओं का भी निरीक्षण किया। ग्राम सरमा में लोक निर्माण विभाग की पुलिया पर तत्काल मिट्टी भरकर आवागमन प्रारंभ कराने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को तत्काल राहत मिल सके। वहीं सुखरीताल में वर्षा समाप्त होते ही नई एवं अधिक मजबूत पुलिया निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि केवल क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे मजबूत और टिकाऊ निर्माण कार्य किए जाने चाहिए जो आने वाले वर्षों में भी तेज बारिश और बाढ़ जैसी परिस्थितियों का सामना कर सकें तथा ग्रामीणों का आवागमन निर्बाध बना रहे। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि भारी बारिश के दौरान उफनते नदी-नालों को पार करने का जोखिम न उठाएं और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
प्रदीप मिश्रा
संपादक – अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
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