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बिसागर बंधआड़ी में दुकान हटाने की कार्रवाई पर उठा विवाद, गरीब दुकानदार ने लगाए गंभीर आरोप

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सोनपुर, ओड़िशा

By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :-  स्वामी विजयानंद जी महाराज

हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की अनदेखी का आरोप, स्थानीय लोगों ने कार्रवाई पर उठाए सवाल।

सोनपुर ACGN :- सोनपुर के बिसागर बंधआड़ी क्षेत्र में प्रशासन द्वारा एक दुकान हटाने की कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों एवं प्रभावित दुकानदार ने आरोप लगाया है कि कथित रूप से हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की अनदेखी करते हुए प्रशासन ने एक गरीब दुकानदार की दुकान पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोनपुर के मझीपाड़ा निवासी रघुनाथ मेहर बिसागर बंधआड़ी क्षेत्र में एक छप्परनुमा दुकान संचालित कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। बताया जाता है कि उनकी दुकान के आसपास भी कई छोटे दुकानदार वर्षों से अपनी आजीविका चला रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र नगरपालिका सीमा के अंतर्गत आता है तथा पिछले लगभग 50 वर्षों से अनेक गरीब परिवार यहां छोटी-छोटी दुकानें लगाकर जीवनयापन कर रहे हैं।
पीड़ित रघुनाथ मेहर का आरोप है कि प्रशासन ने बिना उनकी आपत्ति पर उचित विचार किए उनकी दुकान को ध्वस्त कर दिया। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों से अपनी बात रखने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। उन्होंने यह भी दावा किया कि संबंधित मामले में हाईकोर्ट का स्थगन आदेश होने के बावजूद कार्रवाई की गई।
घटना के बाद संबंधित भूमि की वास्तविक स्थिति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कभी इस भूमि को देवोत्तर संपत्ति, कभी घरबारी भूमि तो कभी नगरपालिका अथवा प्रशासन की भूमि बताया जा रहा है। इससे भूमि के स्वामित्व एवं अभिलेखों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन को पहले भूमि की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करनी चाहिए थी।
इस घटना के बाद क्षेत्र के नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार का न्यायालयीन आदेश प्रभावी था तो उसका पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए था और यदि अतिक्रमण हटाना आवश्यक था तो प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जाना चाहिए था।
नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित हैं। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

प्रदीप मिश्रा
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