रिलायंस ज्वेलर्स में ₹17.50 लाख के सोने की हेराफेरी का खुलासा, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN | 7647981711, 9303948009
फर्जी कंगन रखकर असली सोना निकालने का आरोप, पुलिस ने 80 ग्राम सोने के आभूषण और मोबाइल जब्त किया।
रायपुर के थाना गोलबाजार क्षेत्र स्थित रिलायंस ज्वेलर्स में लाखों रुपये के सोने के आभूषणों की सुनियोजित हेराफेरी का मामला सामने आया है। स्टोर मैनेजर की लिखित शिकायत पर थाना गोलबाजार में अपराध क्रमांक 116/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(4) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। शिकायत के अनुसार स्टोर में रखे लगभग 103.832 ग्राम वजन के तीन सेट (पांच नग) 22 कैरेट सोने के कंगनों के स्थान पर समान वजन और डिज़ाइन के नकली कंगन रखकर असली सोने के आभूषणों की हेराफेरी की गई, जिससे कंपनी को लगभग 17.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में परिवीक्षाधीन उप पुलिस अधीक्षक अमित कोसमा तथा थाना प्रभारी निरीक्षक स्वराज त्रिपाठी के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। जांच के दौरान संदेह स्टोर के पूर्व कर्मचारी मनोज यादव पर केंद्रित हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में वह लगातार खुद को निर्दोष बताकर पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन स्टॉक ऑडिट, तकनीकी विश्लेषण, दस्तावेजी साक्ष्यों और गहन पूछताछ के आधार पर उसने हेराफेरी से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य स्वीकार कर लिए।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2017 से रिलायंस ज्वेलर्स में कार्यरत था और स्टोर की पूरी कार्यप्रणाली से परिचित था। आर्थिक तंगी, कर्ज और वित्तीय दबाव के चलते उसने पहले ग्राहकों की मासिक जमा योजना की राशि का निजी उपयोग किया। बाद में ग्राहकों को आभूषण देने के लिए उसने स्टोर से असली सोने के कंगन निकालकर उनकी जगह समान वजन और डिज़ाइन के नकली कंगन रखना शुरू कर दिया।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कंपनी की आधिकारिक वर्दी पहनकर अधिकृत स्वर्ण शोधन केंद्र पहुंचता था, जिससे किसी को उस पर संदेह नहीं होता था। वहां वह असली सोना गलवाकर विभिन्न लेन-देन में उसका उपयोग करता रहा। कुछ मामलों में ग्राहकों को यह कहकर आभूषण दिए गए कि वे उन्हें स्टोर में एक्सचेंज कर सकते हैं।
विवेचना के दौरान दो महिला ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। आरोपी ने उनके पैसों और आभूषणों में हेराफेरी करने के बाद फर्जी बिलों के माध्यम से उन्हें आभूषण देकर वास्तविक स्थिति छिपाने का प्रयास किया। रिलायंस ज्वेलर्स से सत्यापन कराने पर प्रस्तुत बिल फर्जी पाए गए, जिसके आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(3), 318(4), 338 एवं 340(2) भी जोड़ी गईं।
पुलिस द्वारा आरोपी के मोबाइल फोन के तकनीकी परीक्षण में यह भी सामने आया कि वह पुलिस जांच, गिरफ्तारी, जमानत और पूछताछ की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी ऑनलाइन तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से जुटा रहा था। पुलिस आर्थिक लेन-देन, ऋण और अन्य संभावित पहलुओं की भी जांच कर रही है।

आरोपी की निशानदेही पर एक रेडमी कंपनी का मोबाइल फोन तथा फर्जी बिलों के माध्यम से बेचे गए लगभग 80 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 14.50 लाख रुपये है, बरामद किए गए हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी मनोज यादव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार मामले में आरोपी के सभी आर्थिक लेन-देन, अन्य संभावित पीड़ितों तथा किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के संबंध में विस्तृत जांच जारी है।
प्रदीप मिश्रा
संपादक – अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल ‘अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़’ हम लाते हैं निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरें।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space


