ग्रामीणों की मांगें पूरी हुए बिना मानिकपुर खदान विस्तार की जनसुनवाई स्वीकार नहीं : जयसिंह अग्रवाल
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार के लंबित मामलों के समाधान की मांग, अनदेखी होने पर जनसुनवाई के विरोध की चेतावनी।
कोरबा ACGN:- मानिकपुर खदान विस्तार परियोजना को लेकर प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने अपनी लंबित मांगों के समाधान की मांग तेज कर दी है। सोमवार को भिलाई खुर्द क्रमांक-1, 2 एवं 3, बरबसपुर, कर्रानाला, कदमहाखार, इमलीडुग्गू, रापाखर्रा, मानिकपुर, दादर खुर्द, ढेलवाडीह और कुदरी बस्ती सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से मुलाकात कर अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया।
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पूर्व में भी अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा था, जिसके आधार पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर 21 अगस्त 2026 को प्रस्तावित मानिकपुर खदान विस्तार परियोजना की जनसुनवाई से पहले प्रभावित परिवारों की सभी प्रमुख समस्याओं का समाधान करने का आग्रह किया था। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक एसईसीएल प्रबंधन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस और संतोषजनक पहल नहीं की गई है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जिन परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें सूची में शामिल किया जाए। साथ ही पुनर्वास और रोजगार से जुड़े लंबित मामलों का समाधान कर प्रभावित परिवारों को न्याय दिया जाए। उनका कहना है कि जब तक इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे प्रस्तावित जनसुनवाई का समर्थन नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी न्यायोचित मांगों की अनदेखी जारी रही तो सभी प्रभावित गांवों के लोग एकजुट होकर जनसुनवाई का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वे जल्द ही अपनी मांगों और आपत्तियों का विस्तृत ज्ञापन कलेक्टर कोरबा को सौंपेंगे। इसकी प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक कोरबा, महाप्रबंधक मानिकपुर क्षेत्र तथा मुख्य महाप्रबंधक एसईसीएल कोरबा को भी भेजी जाएगी।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि प्रभावित ग्रामीणों की मांगें पूरी तरह न्यायसंगत और वास्तविक हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास परियोजना का उद्देश्य लोगों के अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। यदि प्रभावित परिवारों को वैधानिक मुआवजा, समुचित पुनर्वास और रोजगार का अधिकार सुनिश्चित नहीं किया जाता है, तो परियोजना को आगे बढ़ाना उचित नहीं माना जा सकता।
उन्होंने एसईसीएल प्रबंधन से आग्रह किया कि 21 अगस्त को प्रस्तावित जनसुनवाई से पहले सभी लंबित मामलों का पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ और जनसुनवाई के दौरान विरोध की स्थिति बनी तो उसकी पूरी जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी। श्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि वे पहले भी प्रभावित ग्रामीणों के साथ थे, आज भी उनके साथ हैं और भविष्य में भी उनके न्यायपूर्ण अधिकारों की लड़ाई में हरसंभव सहयोग और समर्थन देते रहेंगे।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
अपने क्षेत्र के छोटे-बड़े समाचार, घटना, दुर्घटना, भ्रष्टाचार एवं अपनी संस्था के विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें: 7647981711, 9303948009।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space


