महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश
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सूरजपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- सौरभ साहू
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण अभियान, मिशन शक्ति और आंगनबाड़ी सेवाओं की समीक्षा, बाल विवाह रोकथाम पर भी दिया गया विशेष जोर
सूरजपुर ACGN :- महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक जिला पंचायत सभाकक्ष, सूरजपुर में आयोजित की गई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर, मिशन शक्ति, पोषण अभियान, सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0, आंगनबाड़ी सेवाओं सहित विभाग की अन्य प्रमुख योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा पात्र हितग्राहियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर लाभ उपलब्ध कराया जाए। साथ ही लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने, पोषण ट्रैकर एप में नियमित एवं त्रुटिरहित जानकारी दर्ज करने तथा योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में परियोजना अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों से योजनाओं के संचालन में आने वाली समस्याओं की जानकारी लेकर उनके समाधान के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों का निरीक्षण करने, आवश्यक अभिलेखों का सही संधारण सुनिश्चित करने तथा सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं की नियमित निगरानी करने तथा शासन के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
समीक्षा के दौरान विभागीय योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों से कहा गया कि ग्राम स्तर पर समन्वित प्रयास करते हुए अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। साथ ही समयबद्ध प्रतिवेदन प्रस्तुत करने और शासन द्वारा निर्धारित संकेतकों के अनुरूप कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों, बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा इसकी रोकथाम में विभिन्न विभागों एवं समाज की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और समग्र विकास पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। विशेषज्ञों ने बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई, विभागों के बीच समन्वय और समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के उपायों पर भी मार्गदर्शन दिया। बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में बाल विवाह रोकने और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो इसकी जानकारी तत्काल प्रशासन, पुलिस अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप विभागीय योजनाओं का पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
बैठक में विभागीय अधिकारी, परियोजना अधिकारी तथा जिले के सभी पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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