बस्तर की कला अब पहुंचेगी राष्ट्रीय मंच पर, रायपुर में सजेगा खास ‘बस्तर पवेलियन’
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय
31 जुलाई से 2 अगस्त तक ‘द लोकल मेकर्स मार्केट’ का आयोजन, देशभर के 80 से अधिक शिल्पकार होंगे शामिल
रायपुर ACGN:- बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विश्वविख्यात हस्तशिल्प कला को देशभर में नई पहचान दिलाने की दिशा में रायपुर में तीन दिवसीय विशेष आयोजन होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग विभाग के सहयोग से 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक विधानसभा रोड स्थित द वाहे में ‘द लोकल मेकर्स मार्केट–2026’ का आयोजन किया जाएगा। आयोजन में बस्तर की पारंपरिक कला और शिल्प को विशेष रूप से प्रदर्शित करने के लिए ग्रामोद्योग विभाग द्वारा ‘बस्तर पवेलियन’ स्थापित किया जाएगा।
बस्तर पवेलियन में क्षेत्र की प्रसिद्ध ढोकरा शिल्पकला, लौह शिल्प, काष्ठ शिल्प, जनजातीय कलाकृतियों और हाथकरघा से जुड़े उत्पादों का आकर्षक प्रदर्शन किया जाएगा। इसके माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले कला प्रेमियों, खरीदारों और डिजाइन विशेषज्ञों को बस्तर की पारंपरिक कला से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
तीन दिवसीय इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से 80 से अधिक हस्तशिल्प उद्यमी और कलाकार अपनी कला एवं उत्पादों के साथ सहभागिता करेंगे। ग्रामोद्योग विभाग की ओर से आयोजन में 20 स्टाल लगाए जाएंगे। इन स्टालों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के स्थानीय शिल्पकारों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के साथ नए बाजारों तथा संभावित खरीदारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्री राजेश सिंह राणा ने कहा कि बस्तर की हस्तशिल्प परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है। पारंपरिक कला को संरक्षण देने के साथ-साथ उसे आधुनिक बाजार से जोड़ना भी जरूरी है। शासन का प्रयास है कि स्थानीय कारीगरों को उनकी कला के अनुरूप पहचान और सम्मान मिले तथा उनकी आय में वृद्धि हो।
उन्होंने कहा कि बस्तर पवेलियन के माध्यम से प्रदेश के शिल्पकारों को अपनी उत्कृष्ट कला राष्ट्रीय स्तर के मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। पारंपरिक हस्तशिल्प के संरक्षण, संवर्धन और विपणन को बढ़ावा देने के लिए शासन लगातार प्रयास कर रहा है। ऐसे आयोजन स्थानीय कलाकारों को बाजार से जोड़ने के साथ छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख सांस्कृतिक और हस्तशिल्प केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
आयोजन में केवल हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री ही नहीं होगी, बल्कि आगंतुकों को विभिन्न पारंपरिक कलाओं का सजीव प्रदर्शन देखने का अवसर भी मिलेगा। इसके अलावा कार्यशालाएं, पारंपरिक व्यंजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजन का आकर्षण रहेंगी। इससे कला प्रेमियों और आम नागरिकों को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला एवं संस्कृति को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
ग्रामोद्योग विभाग ने प्रदेशवासियों, कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और हस्तशिल्प उत्पादों में रुचि रखने वाले नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में पहुंचकर स्थानीय शिल्पकारों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। विभाग का मानना है कि स्थानीय कला को बाजार और उपभोक्ताओं से सीधे जोड़ने वाले ऐसे आयोजन ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के कारीगरों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकते हैं।
‘द लोकल मेकर्स मार्केट–2026’ का आयोजन 31 जुलाई से 2 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक होगा। आयोजन का स्थल द वाहे, अंबुजा मॉल के सामने, विधानसभा रोड, रायपुर निर्धारित किया गया है।
प्रदीप मिश्रा
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