छत्तीसगढ़ की रेल परियोजनाओं पर बड़ा खुलासा: सांसद लक्ष्मी वर्मा के सवाल, रेल मंत्री वैष्णव ने खोले विकास के पत्ते
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
रायपुर छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711 | 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय
रेल की रफ्तार पर उठे सवाल… क्या बदलने वाला है छत्तीसगढ़ का भविष्य? सांसद लक्ष्मी वर्मा के सवालों पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खोला विकास का पूरा ब्लूप्रिंट
रायपुर | ACGN :- छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क के विस्तार और वर्षों से लंबित रेल परियोजनाओं को लेकर राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने संसद में केंद्र सरकार से कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे। उन्होंने विशेष रूप से खरसिया-नया रायपुर-परमलकासा रेल परियोजना की प्रगति, औद्योगिक क्षेत्रों को मिलने वाले लाभ, परियोजनाओं में हो रही देरी और राज्य में रेलवे के लिए किए जा रहे निवेश पर विस्तृत जानकारी मांगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में दिए अपने जवाब में बताया कि छत्तीसगढ़ में रेलवे का इतिहास बदलने वाली कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है और आने वाले वर्षों में राज्य का रेल नेटवर्क पहले से कहीं अधिक मजबूत और आधुनिक होगा।

सांसद लक्ष्मी वर्मा ने सबसे पहले पूछा कि खरसिया-नया रायपुर-परमलकासा रेल परियोजना की वर्तमान स्थिति क्या है और इसे पूरा करने की समय-सीमा क्या निर्धारित की गई है? इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 278 किलोमीटर लंबी खरसिया-नया रायपुर-परमलकासा नई दोहरी रेल लाइन परियोजना को अप्रैल 2025 में ₹7,854 करोड़ की लागत से स्वीकृति दी गई है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ के आठ जिलों से होकर गुजरेगी, जिसके लिए लगभग 1,852 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि परियोजना को तेजी से पूरा करने के उद्देश्य से इसे विशेष रेलवे परियोजना घोषित किया गया है तथा भूमि अधिग्रहण के लिए सक्षम प्राधिकारी की नियुक्ति कर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इसके बाद सांसद लक्ष्मी वर्मा ने दूसरा सवाल किया कि क्या सरकार ने इस रेल मार्ग से बलौदा बाजार जैसे प्रमुख औद्योगिक जिले को जोड़ने से मिलने वाले आर्थिक और औद्योगिक लाभों का आकलन किया है, विशेषकर सीमेंट उद्योग और खनिज परिवहन के संदर्भ में? इस पर रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि परियोजना की योजना बनाते समय इन सभी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया गया है। उन्होंने बताया कि बलौदा बाजार प्रदेश का महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है और इसे रेल नेटवर्क से जोड़ने से सीमेंट उद्योग, खनिज परिवहन तथा माल ढुलाई को बड़ा लाभ मिलेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए बलौदा बाजार में आधुनिक माल गोदाम (गुड्स शेड) विकसित करने की भी योजना बनाई गई है।
सांसद ने तीसरे प्रश्न में पूछा कि क्या यह सही है कि इस रेल लाइन के निर्माण से बिलासपुर-रायपुर मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम होगा तथा लॉजिस्टिक्स लागत में लगभग ₹2,520 करोड़ प्रतिवर्ष की बचत होगी? यदि हां, तो सरकार इस परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए क्या कदम उठा रही है? इस पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह परियोजना केवल नई रेल लाइन नहीं बल्कि पूरे राज्य की माल परिवहन व्यवस्था को बदलने वाली योजना है। इसके पूरा होने के बाद बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग जैसे अत्यधिक व्यस्त रेलवे स्टेशनों को बाईपास करने का विकल्प मिलेगा, जिससे मुख्य लाइन पर ट्रेनों का दबाव काफी कम होगा। इसके साथ ही उद्योगों के लिए माल परिवहन तेज और सस्ता होगा तथा लॉजिस्टिक्स लागत में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।
रेल मंत्री ने अपने जवाब में यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेलवे बजट में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009 से 2014 के दौरान राज्य को रेलवे परियोजनाओं के लिए औसतन ₹311 करोड़ प्रतिवर्ष का बजट मिलता था, जबकि वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर ₹7,470 करोड़ हो गया है, जो पहले की तुलना में लगभग 24 गुना अधिक है। इस अभूतपूर्व बजट वृद्धि का सीधा असर राज्य में रेलवे परियोजनाओं की गति पर दिखाई दे रहा है।
रेल मंत्री ने आगे बताया कि नए रेल ट्रैक बिछाने की गति में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 2009 से 2014 के बीच केवल 32 किलोमीटर नया रेल ट्रैक चालू किया गया था, जो औसतन 6.4 किलोमीटर प्रतिवर्ष था। जबकि 2014 से 2026 के बीच 1,311 किलोमीटर नया रेल ट्रैक कमीशन किया गया है, अर्थात औसतन 109.29 किलोमीटर प्रतिवर्ष, जो पहले की तुलना में लगभग 17 गुना अधिक है।
संसद में जानकारी देते हुए रेल मंत्री ने कहा कि 1 अप्रैल 2026 की स्थिति में छत्तीसगढ़ में 2,398 किलोमीटर लंबाई की 36 रेल परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनकी कुल अनुमानित लागत ₹24,820 करोड़ है। इनमें 887 किलोमीटर लंबाई की नई रेल लाइन परियोजनाएं तथा 1,512 किलोमीटर लंबाई की 28 दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं। मार्च 2026 तक इनमें से 1,151 किलोमीटर रेल ट्रैक चालू किया जा चुका है तथा इन परियोजनाओं पर अब तक ₹18,833 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
रेल मंत्री ने बताया कि राज्य में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं हाल ही में पूरी हुई हैं। इनमें दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन, खोडरी-अनूपपुर दोहरीकरण, रायपुर-टिटिलागढ़ दोहरीकरण तथा खरसिया-कोरीछापर नई रेल लाइन प्रमुख हैं। वहीं दूसरी ओर खरसिया-परमलकासा पाँचवीं एवं छठी रेल लाइन, गेवरा रोड-पेंड्रा रोड नई रेल लाइन, राजनांदगांव-नागपुर तीसरी रेल लाइन और खरसिया-धर्मजयगढ़ नई रेल लाइन जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिनके पूरा होने के बाद छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, कोयला परिवहन, खनिज ढुलाई और यात्री सुविधाओं में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।
परियोजनाओं में हो रही देरी पर सांसद लक्ष्मी वर्मा के सवाल का जवाब देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि किसी भी रेल परियोजना को समय पर पूरा करना कई व्यावहारिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृति, विभिन्न विभागों से वैधानिक मंजूरियां, बिजली एवं अन्य उपयोगिता सेवाओं का स्थानांतरण, कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, कानून-व्यवस्था तथा मौसम जैसी चुनौतियां कई बार परियोजनाओं की गति को प्रभावित करती हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार राज्य सरकार के सहयोग से सभी बाधाओं को दूर करते हुए परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
रेल मंत्री ने विश्वास दिलाया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ का रेलवे नेटवर्क देश के सबसे मजबूत नेटवर्क में शामिल होगा। इससे राज्य के उद्योगों को नई गति मिलेगी, माल परिवहन आसान होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आम यात्रियों को सुरक्षित, तेज एवं बेहतर रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरें अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
अपने क्षेत्र के छोटे-बड़े समाचार, घटना, दुर्घटना, भ्रष्टाचार एवं अपनी संस्था के विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें : 7647981711 | 9303948009
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space


