स्तनपान और स्वस्थ आहार से स्वस्थ समाज का निर्माण, जागरूकता बढ़ाने में मीडिया की अहम भूमिका : यूनिसेफ
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
विश्व स्तनपान सप्ताह से पहले यूनिसेफ की मीडिया कार्यशाला, विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर दिया जोर।
रायपुर ACGN :- विश्व स्तनपान सप्ताह के पूर्व यूनिसेफ द्वारा राजधानी रायपुर के होटल सयाजी में “विश्व स्तनपान सप्ताह एवं स्वस्थ आहार” विषय पर मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ एवं शिशु पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ मीडिया की जिम्मेदार और तथ्यपरक भूमिका को मजबूत करना था।

कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए यूनिसेफ के कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट अनिल गुलाटी ने कहा कि मीडिया केवल समाचार प्रसारित करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रभावी शक्ति है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित रिपोर्टिंग से समाज में फैली भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है और परिवारों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

यूनिसेफ की न्यूट्रिशन स्पेशलिस्ट डॉ. अपर्णा देशपांडे ने कहा कि मां का दूध नवजात शिशु के लिए सर्वोत्तम और संपूर्ण आहार है, जो जन्म के बाद पहले छह माह तक उसकी सभी पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि सफल स्तनपान केवल मां की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज की साझा जिम्मेदारी है। गर्भावस्था से लेकर स्तनपान की अवधि तक मां को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक सहयोग मिलना आवश्यक है।
उन्होंने आईएमएस अधिनियम-1992 की जानकारी देते हुए कहा कि यह कानून स्तनपान को संरक्षण और प्रोत्साहन देने के लिए बनाया गया है तथा शिशु दूध विकल्पों और व्यावसायिक बेबी फूड के अनुचित प्रचार-प्रसार को नियंत्रित करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिशु के लिए मां का दूध ही सबसे सुरक्षित और पोषक आहार है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के उप संचालक (बाल स्वास्थ्य) डॉ. बी.आर. भगत ने कहा कि राज्य सरकार विशेष रूप से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में स्तनपान, पोषण और बाल स्वास्थ्य को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एएनएम गर्भवती एवं धात्री माताओं को सही परामर्श देकर केवल स्तनपान और उचित शिशु आहार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
स्वस्थ आहार विषय पर विशेषज्ञ सुश्री आस्था सिंह ने स्थानीय और ताजे खाद्य पदार्थों को सर्वोत्तम विकल्प बताते हुए अत्यधिक प्रसंस्कृत एवं पैकेज्ड खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी। उन्होंने उपभोक्ताओं से खाद्य उत्पाद खरीदने से पहले उनके पोषण संबंधी लेबल पढ़ने की अपील की तथा दैनिक भोजन को अधिक पौष्टिक बनाने के सरल उपाय भी साझा किए।
कार्यशाला के दौरान पत्रकारों और विशेषज्ञों के बीच स्तनपान, पूरक आहार, मातृ पोषण तथा पोषण संबंधी भ्रांतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान प्रमाण आधारित पत्रकारिता के माध्यम से समाज में स्वस्थ व्यवहार को बढ़ावा देने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
समापन अवसर पर यूनिसेफ ने कहा कि मातृ एवं शिशु पोषण में सुधार सरकार, स्वास्थ्य विभाग, समुदाय, परिवार और मीडिया के संयुक्त प्रयासों से ही संभव है। जिम्मेदार पत्रकारिता समाज में स्तनपान को सामान्य व्यवहार बनाने और स्वस्थ आहार के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यशाला का आयोजन 1 से 7 अगस्त तक मनाए जाने वाले विश्व स्तनपान सप्ताह के पूर्व किया गया। यूनिसेफ ने इस अवसर पर प्रत्येक मां और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास के लिए स्तनपान एवं स्वस्थ आहार को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रदीप मिश्रा
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