नई पीढ़ी का भविष्य संवारना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
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दुर्ग, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत, दुर्ग को शिक्षा और खेल अधोसंरचना की चार बड़ी सौगातें।
दुर्ग ACGN :- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नई पीढ़ी का भविष्य संवारना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करना है। राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री सोमवार को दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 को संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने विद्यालय में पहली बार प्रवेश लेने वाले नन्हे विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, मुंह मीठा कराकर और स्कूल बैग भेंट कर आत्मीय स्वागत करते हुए की। उन्होंने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, बड़े सपने देखें और अपनी प्रतिभा व संस्कारों से परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की मुस्कान और उनकी आंखों में बसे सपने ही विकसित छत्तीसगढ़ की असली ताकत हैं।

मुख्यमंत्री ने कक्षा पहली, छठवीं और नवमी के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश और स्कूल बैग वितरित किए। वहीं कक्षा नवमी की छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया। राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान करते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी स्थान या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती, उसे केवल सही अवसर और उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, समावेशी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बना रही है। प्रदेश के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, समय पर निःशुल्क पुस्तक एवं गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, नियमित पालक-शिक्षक बैठक, न्योता भोज तथा भारतीय संस्कृति पर आधारित विभिन्न नवाचारों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास का वातावरण तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं और आज प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है। दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर के जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन हब विकसित किए जा रहे हैं, ताकि वहां के बच्चों को भी बड़े शहरों जैसी शिक्षा सुविधाएं मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, 24 नालंदा परिसर विकसित किए जा चुके हैं तथा दिल्ली में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 200 सीटों वाले छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
दुर्ग जिले को मिली चार बड़ी सौगातें
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के दौरान दुर्ग जिले के लिए शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना से जुड़ी चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—
शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के लिए आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन का निर्माण।
दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण।
खेल प्रतिभाओं के लिए फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक की स्थापना।
नीट एवं जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास का निर्माण।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन निर्णयों से शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय की खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए अंतरिक्ष विज्ञान और खगोल विज्ञान से जुड़े मॉडलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच और नवाचार ही भविष्य के भारत की पहचान होंगे और राज्य सरकार बच्चों में विज्ञान एवं तकनीक के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विद्यालय परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत कटहल, सिंदूरी और मौलश्री के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ न्योता भोज में भी भाग लिया और बच्चों से पढ़ाई, रुचियों तथा भविष्य के सपनों पर आत्मीय चर्चा की।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली कु. पायल रजनी (प्रथम स्थान), नैतिक आमटे (सातवां स्थान) तथा कु. श्रद्धा इंदौरिया (दसवां स्थान) को सम्मानित किया गया।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से कंप्यूटर शिक्षा का विस्तार कर रही है। बालिकाओं के लिए आठ हजार से अधिक नए शौचालयों का निर्माण, भाषा एवं गणितीय दक्षता बढ़ाने के विशेष अभियान तथा भारतीय संस्कृति एवं महापुरुषों के जीवन से विद्यार्थियों को जोड़ने जैसे नवाचार शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन सभी विद्यार्थियों को पुस्तकें और गणवेश उपलब्ध कराए जाएं।
इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, साजा विधायक ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, दुर्ग संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, समग्र शिक्षा आयुक्त किरण कौशल, कलेक्टर अभिजीत सिंह, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

प्रदीप मिश्रा
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