अवैध शिकार के दौरान युवक की मौत का खुलासा, 12 आरोपी गिरफ्तार
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
शिकार के दौरान चली गोली से युवक की मौत, साक्ष्य छिपाने के लिए शव का कराया गया अंतिम संस्कार, परिजनों को भी दी गई थी जान से मारने की धमकी
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ACGN:- गौरेला थाना क्षेत्र के ग्राम दरमोहली में अवैध शिकार के दौरान एक युवक की गोली लगने से हुई मौत के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने घटना के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से मृतक का बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार करा दिया तथा मृतक के परिजनों को भी घटना की जानकारी सार्वजनिक करने पर गोली मारने की धमकी दी थी।
पुलिस के अनुसार 28 जून 2026 को ग्राम कोटवार हरिशचंद्र पनिका से सूचना मिली कि ग्राम दरमोहली निवासी सरवन सिंह कुशराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई है और परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए उसका अंतिम संस्कार कर दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा तथा अनुविभागीय पुलिस अधिकारी श्रीमती सत्यकला रामटेके के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक शनिप रात्रे अपनी टीम और विधि विज्ञान विशेषज्ञ के साथ मौके पर पहुंचे।

प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने बताया कि सरवन सिंह की मौत पेट दर्द और खून की उल्टी होने से हुई है। हालांकि घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान कमरे में खून के धब्बे मिलने पर पुलिस को संदेह हुआ और मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई। चूंकि शव का अंतिम संस्कार पहले ही किया जा चुका था, इसलिए शव परीक्षण संभव नहीं हो सका।
मर्ग जांच के दौरान मृतक के बड़े भाई पवन सिंह और पिता देवशरण सिंह के विस्तृत बयान में घटना की वास्तविक जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार 27 जून की शाम ग्राम दरमोहली के समीप जंगल में कुछ लोग अवैध रूप से जंगली जानवर का शिकार करने गए थे। शिकार के दौरान कथित रूप से रामायण सिंह कुशराम द्वारा चलाई गई गोली सरवन सिंह के सीने में लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद सभी आरोपियों ने मृतक के भाई और पिता को जंगल में बुलाकर मामले को छिपाने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उन्हें और उनके परिवार को भी गोली मारने की धमकी दी गई। इसके बाद आरोपियों ने अगले दिन सुबह मृतक के शव का अंतिम संस्कार करा दिया, जिससे साक्ष्य नष्ट हो गए और शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका।
जांच के दौरान पुलिस ने मामले में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में रामायण सिंह कुशराम, संतलाल सिंह धुर्वे, लक्ष्मण यादव, कमलेश कुमार सलाम, कैलाश सिंह, अर्जुन सिंह, बलराम सिंह गोंड, अवधराज उर्फ अधरू गोंड, सुरजन सिंह धुर्वे, बैधा उर्फ बेदराम गोंड, भान सिंह उर्फ भानू तथा मुरारी गोंड शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक भरमार बंदूक, एक एयर गन तथा तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 238(ख), 351(3), 190 तथा आयुध अधिनियम की धारा 25 एवं 27 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी श्रीमती सत्यकला रामटेके, थाना प्रभारी निरीक्षक शनिप रात्रे, उप निरीक्षक अजय वारें, पीएसआई आकाश बघेल, पीएसआई नेहा रावटे सहित थाना स्टाफ, साइबर सेल और चौकी सिवनी के पुलिस कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
प्रदीप मिश्रा
देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल, अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़, हम लाते हैं निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरें
अपने क्षेत्र के समाचार एवं विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें : 7647981711, 9303948009
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space


