ग्रामीण विद्यार्थियों तक पहुंचेगी एआई और रोबोटिक्स की शिक्षा, मोबाइल साइंस लैब का शुभारंभ
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा- आधुनिक तकनीकों से जुड़े बिना विकसित छत्तीसगढ़ का सपना अधूरा
रायपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान और उभरती तकनीकों से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने एक नई पहल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बुधवार को विधानसभा परिसर से ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ के अंतर्गत संचालित निःशुल्क मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मोबाइल लैब पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों तक पहुंचकर विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स, ड्रोन, त्रि-आयामी मुद्रण (3डी प्रिंटिंग), कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, एयरोमॉडलिंग तथा ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी आधुनिक तकनीकों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल साइंस लैब केवल एक वाहन नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं के सपनों को नई उड़ान देने वाला माध्यम है। इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, आत्मविश्वास और तकनीकी दक्षता का विकास होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, ड्रोन और डिजिटल तकनीकों की ओर तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में गांवों के बच्चों को भी समान अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति भी कौशल विकास, प्रयोग आधारित शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर देती है और यह पहल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आधुनिक तकनीकों का ज्ञान अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोबाइल साइंस लैब के माध्यम से ग्रामीण विद्यार्थी भी ड्रोन उड़ाने, रोबोट संचालित करने, कोडिंग सीखने और 3डी मॉडल तैयार करने जैसे व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। उन्होंने इसे भविष्य के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों को तैयार करने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब का अवलोकन भी किया। प्रशिक्षकों ने उन्हें लैब में उपलब्ध आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षण मॉड्यूल और शिक्षण पद्धति की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने एआई, रोबोटिक्स और ड्रोन से जुड़े उपकरणों का निरीक्षण करते हुए प्रयोग आधारित शिक्षा की सराहना की और कहा कि इससे विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ेंगे।
इस योजना के तहत पांच प्रशिक्षकों की टीम पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों और सरस्वती शिशु मंदिरों में तीन से पांच दिनों की कार्यशालाएं आयोजित करेगी। पहले चरण में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्राथमिकता देते हुए एक वर्ष में पांच हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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