विश्रामपुर आंदोलन में कांग्रेस को मिली बड़ी सफलता, प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ आमरण अनशन
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सूरजपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता:- सौरभ साहू
टीएस सिंहदेव का आमरण अनशन टूटा, दीपक बैज समेत कांग्रेस नेताओं ने समाप्त की भूख हड़ताल, तीन प्रमुख मांगों पर बनी सहमति
सरगुजा ACGN:- सूरजपुर जिले के विश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवनंदनपुर में पिछले दो दिनों से जारी कांग्रेस के आंदोलन का बुधवार को नाटकीय अंत हो गया। कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन पर दर्ज आम्र्स एक्ट के मामले को लेकर शुरू हुए धरना, आमरण अनशन और क्रमिक भूख हड़ताल के बाद प्रशासन ने कांग्रेस की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी गई।

आंदोलन के केंद्र में रहे पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का आमरण अनशन तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत अन्य नेताओं की क्रमिक भूख हड़ताल प्रशासनिक आश्वासन के बाद समाप्त करा दी गई। कांग्रेस नेताओं को नारियल पानी पिलाकर अनशन तुड़वाया गया। इसके साथ ही आंदोलन स्थल पर मौजूद हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतंत्र और जनसंघर्ष की जीत बताते हुए जोरदार नारेबाजी की।

मंगलवार देर रात तक आंदोलन स्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के बीच लगातार बातचीत का दौर चलता रहा। लंबी चर्चा और कई दौर की वार्ता के बाद प्रशासन की ओर से महत्वपूर्ण आश्वासन दिए गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज आम्र्स एक्ट का मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और उन्हें परेशान करने के उद्देश्य से कार्रवाई की गई है। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने व्यापक आंदोलन छेड़ दिया था, जिसमें धरना प्रदर्शन, भूख हड़ताल और आमरण अनशन जैसे कार्यक्रम शामिल थे।

मामले में नया मोड़ तब आया जब नरेंद्र जैन की पत्नी मधु जैन की शिकायत पर पुलिस ने भाजपा से जुड़े एक कार्यकर्ता के खिलाफ अपराध दर्ज किया। साथ ही पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस नेताओं को यह भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने तक नरेंद्र जैन की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। प्रशासन के इसी आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त करने पर सहमति बनी।

आंदोलन के दबाव के बीच पुलिस विभाग को भी महत्वपूर्ण निर्णय लेना पड़ा। नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज प्रकरण की जांच कर रहे विवेचना अधिकारी को मामले से हटा दिया गया है। अब इस पूरे प्रकरण की जांच डीएसपी रैंक के अधिकारी द्वारा की जाएगी। इस फैसले को कांग्रेस ने अपनी बड़ी उपलब्धि बताया है।

हालांकि कांग्रेस नेता विश्रामपुर थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई और नरेंद्र जैन पर दर्ज आम्र्स एक्ट के मामले को वापस लेने की मांग पर अंतिम समय तक अड़े रहे, लेकिन प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जांच और कार्रवाई के आश्वासन के बाद गतिरोध समाप्त हो गया।
आंदोलन को उस समय और अधिक राजनीतिक धार मिली जब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं विश्रामपुर पहुंचे। उन्होंने मंच से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी भरे अंदाज में संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर गलत तरीके से काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का हिसाब लिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद आंदोलन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

धरना स्थल पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमरजीत भगत सहित कई पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। तपती गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक आंदोलन में डटे रहे। लगातार नारेबाजी, राजनीतिक भाषणों और भारी भीड़ के कारण विश्रामपुर का माहौल पूरी तरह राजनीतिक रणभूमि में तब्दील हो गया था।
कांग्रेस नेताओं ने आंदोलन के दौरान भाजपा सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने, प्रशासन का दुरुपयोग करने और लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने के आरोप लगाए। वहीं प्रशासनिक आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त होने से क्षेत्र में राजनीतिक तनाव फिलहाल कम होता दिखाई दे रहा है। अब सभी की निगाहें डीएसपी स्तर की जांच और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
प्रदीप मिश्रा
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