रायपुर कोतवाली में ई-मालखाना प्रणाली शुरू, जप्त माल प्रबंधन होगा पूरी तरह डिजिटल
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रायपुर | छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता:- अनादि पांडेय
बारकोड और डिजिटल ट्रैकिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता, जप्त सामग्री की निगरानी होगी आसान
रायपुर ACGN:- रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने जप्त माल के सुरक्षित, पारदर्शी और आधुनिक प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए थाना कोतवाली में “ई-मालखाना” प्रणाली का शुभारंभ किया है। इस नई व्यवस्था का शुभारंभ एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले ने किया। पुलिस विभाग की इस पहल को जप्त सामग्री के डिजिटल प्रबंधन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
थाना कोतवाली में शुरू की गई ई-मालखाना प्रणाली को थाना प्रभारी सतीश सिंह गहरवार और मालखाना मुहर्रिर प्रेमसागर नेताम के संयुक्त प्रयासों से विकसित किया गया है। इस अवसर पर अधिकारियों के समक्ष प्रणाली का विस्तृत प्रदर्शन किया गया, जिसमें जप्त वस्तुओं के डिजिटल पंजीयन, बारकोड आधारित पहचान, रैकवार संधारण और रिकॉर्ड ट्रैकिंग की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान डीसीपी सेंट्रल ज़ोन उमेश प्रसाद गुप्ता, डीसीपी नॉर्थ मयंक गुर्जर, एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी ई-मालखाना प्रणाली का अवलोकन किया और इसकी कार्यप्रणाली की समीक्षा की।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ई-मालखाना लागू करने से पहले थाना कोतवाली में रखे गए सभी जप्त माल का विस्तृत भौतिक सत्यापन कराया गया। इसके बाद सामग्री को वैज्ञानिक तरीके से रैकवार वर्गीकृत कर A1, A2, B1, B2 जैसी श्रेणियों में व्यवस्थित रखा गया, ताकि किसी भी जप्त सामग्री की पहचान और लोकेशन आसानी से पता की जा सके।
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक जप्त सामग्री पर बारकोड लगाया गया है और उसका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया है। इससे मालखाने में वस्तुओं को जमा करने, निकालने और खोजने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज और पारदर्शी हो गई है।
पुलिस विभाग का मानना है कि ई-मालखाना प्रणाली के माध्यम से जप्त माल की आवक-जावक, रखरखाव और रिकॉर्ड की डिजिटल निगरानी संभव होगी। इससे “चेन ऑफ कस्टडी” को सुरक्षित बनाए रखने में मदद मिलेगी और प्रत्येक सामग्री की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी। साथ ही कार्यप्रणाली में जवाबदेही और दक्षता भी बढ़ेगी।
रायपुर पुलिस की यह पहल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में आधुनिक तकनीक के उपयोग और अभिलेख प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक अभिनव और अनुकरणीय प्रयास माना जा रहा है। आने वाले समय में यह व्यवस्था अन्य थानों के लिए भी मॉडल साबित हो सकती है।
प्रदीप मिश्रा
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