नकटीखार में बिजली खंभे पर करंट हादसा निजी युवक से कराया जा रहा था लाइन कार्य सीएसपीडीसीएल पर उठे गंभीर सवाल
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कोरबा | छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
गंभीर रूप से झुलसे युवक का बालको अस्पताल में इलाज जारी आखिर बिना अधिकृत नियुक्ति के कौन करा रहा था हाई वोल्टेज लाइन का खतरनाक काम
कोरबा ACGN:- कोरबा जिले के सीएसपीडीसीएल बरपाली सबडिवीजन अंतर्गत ग्राम नकटीखार में बिजली लाइन कार्य के दौरान करंट की चपेट में आने से एक युवक के गंभीर रूप से झुलस जाने की दर्दनाक घटना सामने आई है। इस घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों द्वारा निजी व्यक्तियों से कराए जा रहे खतरनाक कार्यों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक बिजली खंभे पर चढ़कर लाइन सुधार कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक वह करंट की चपेट में आ गया और बुरी तरह झुलस गया। हादसे में युवक के पेट, हाथ और जांघ गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल के सौ बिस्तर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत बालको स्थित अस्पताल रेफर कर दिया। वर्तमान में युवक का इलाज जारी है और उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल युवक की पहचान अक्षय यादव निवासी भालूसटका, बालको क्षेत्र के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक विभाग का नियमित कर्मचारी नहीं था। इसके बावजूद वह बिजली खंभे पर चढ़कर हाई वोल्टेज लाइन का कार्य कर रहा था। यहीं से पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है।
स्थानीय सूत्रों और क्षेत्र में चल रही चर्चाओं के अनुसार सीएसपीडीसीएल में कार्यरत लाइनमैन तरुण यादव द्वारा अक्षय यादव को निजी सहायक के रूप में कार्य पर रखा गया था। आरोप यह भी लग रहे हैं कि विभाग के कुछ नियमित कर्मचारी स्वयं खंभों पर चढ़कर काम करने से बचते हैं और कम पैसों में निजी व्यक्तियों को रखकर उनसे जान जोखिम में डालने वाला कार्य कराते हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर यदि युवक विभाग का कर्मचारी नहीं था तो उसे बिजली लाइन पर कार्य करने की अनुमति किसने दी। क्या उसे सुरक्षा प्रशिक्षण दिया गया था। क्या उसके पास सुरक्षा उपकरण थे। यदि नहीं, तो इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है।
एक और बड़ा सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि लाखों रुपए वेतन पाने वाले नियमित कर्मचारी आखिर स्वयं कार्य क्यों नहीं कर रहे हैं। यदि निजी लोगों से विभागीय कार्य कराया जा रहा है तो क्या इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को है या फिर पूरा मामला विभागीय निगरानी की कमजोरी को उजागर कर रहा है।
मामले में जब विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया गया तो कार्यपालन अभियंता ने प्रारंभ में घटना की जानकारी नहीं होने की बात कही। बाद में सहायक यंत्री से चर्चा के बाद उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। अधिकारियों का कहना है कि घायल युवक विभाग का नियमित कर्मचारी नहीं है और न ही किसी अधिकृत ठेकेदार के अंतर्गत कार्यरत था। हालांकि सूत्रों से लगातार यह जानकारी सामने आ रही है कि युवक को लाइनमैन द्वारा निजी रूप से कार्य पर लगाया गया था।
अब सबसे बड़ा प्रश्न यह भी उठ रहा है कि यदि युवक विभाग का कर्मचारी नहीं था, तो उसके इलाज का खर्च कौन उठाएगा। उसके परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा। क्या विभाग इस मामले से पल्ला झाड़ लेगा या फिर जिम्मेदारी तय कर पीड़ित परिवार को राहत देगा।
जानकारी यह भी सामने आ रही है कि इससे पहले भी इस प्रकार की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर कठोर कार्रवाई नहीं होने से लापरवाही का सिलसिला लगातार जारी है। क्षेत्र के लोगों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि सीएसपीडीसीएल इस पूरे मामले को केवल एक दुर्घटना मानकर सीमित कर देता है या फिर निजी व्यक्तियों से कराए जा रहे खतरनाक कार्यों की गंभीर जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों पर कार्रवाई करता है।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों तथा जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़
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