“व्यापार से बढ़कर लोगों की जान” — कलेक्टर गौरव सिंह ने मॉल और मल्टीस्टोरी भवन संचालकों को दी सख्त चेतावनी
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता – अनादि पांडेय
लिफ्ट सुरक्षा, फायर सिस्टम, पार्किंग और वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर प्रशासन सख्त, एक सप्ताह में सुधार के निर्देश
रायपुर/ACGN:- रायपुर जिले में बढ़ती बहुमंजिला इमारतों, मॉल्स और बड़े व्यावसायिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने मंगलवार को रेडक्रॉस सभाकक्ष में बड़े व्यावसायिक भवनों, अस्पतालों, मल्टीस्टोरी भवनों और मॉल्स के संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर साफ शब्दों में कहा कि “व्यापार किसी की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं है” और सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में शहर के बड़े भवनों में संचालित लिफ्टों की सुरक्षा, नियमित मेंटेनेंस, फिटनेस प्रमाण-पत्र, फायर सिस्टम, पार्किंग व्यवस्था और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि कई बार लिफ्ट के अचानक बंद हो जाने और समय पर सहायता नहीं मिलने की शिकायतें सामने आती हैं, जो बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी लापरवाही पाए जाने पर संबंधित भवन स्वामी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि अस्पतालों और व्यावसायिक परिसरों में लिफ्टों का नियमित निरीक्षण और व्यवस्थित रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संस्थान एक सप्ताह के भीतर अपने लिफ्ट ऑपरेटिंग सिस्टम को पूरी तरह दुरुस्त करें, सभी लिफ्टों में इमरजेंसी नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें और सुरक्षा से जुड़ी मशीनरी को व्यवस्थित करें।
उन्होंने बताया कि सात दिनों के बाद पुलिस, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, होमगार्ड, नगर निगम और CSPDCL की संयुक्त टीम द्वारा भवनों का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान लिफ्टों की कार्यप्रणाली, फायर सिस्टम, इमरजेंसी रिस्पॉन्स और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच होगी। किसी भी प्रकार की तकनीकी या मानवीय लापरवाही मिलने पर सीधे भवन मालिक को जिम्मेदार माना जाएगा।
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी दुर्घटना की स्थिति में केवल ऑपरेटर नहीं बल्कि भवन स्वामी जवाबदेह होंगे। उन्होंने कहा कि कई संस्थानों ने लिफ्ट संचालन के लिए विशेष रूप से लोगों और दिव्यांगजनों को रोजगार दिया है, जो एक सकारात्मक पहल है। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
बैठक में फायर सेफ्टी को लेकर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी बड़े भवनों में फायर सिस्टम पूरी तरह कार्यशील होना चाहिए और सुरक्षा उपकरणों का नियमित परीक्षण किया जाए ताकि आपातकालीन स्थिति में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मॉल्स और व्यावसायिक परिसरों में पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा सर्वोपरि है और पार्किंग से संबंधित नियमों का पालन करना सभी संस्थानों के लिए अनिवार्य होगा।
नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने बैठक में कहा कि बड़े मॉल्स और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आते हैं, इसलिए कचरे के उचित निपटान की जिम्मेदारी भी उन्हीं की है। उन्होंने संस्थानों को वेस्ट सेग्रीगेशन, संग्रहण और डिस्पोजल की समुचित व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एडीएम उमाशंकर बंदे, जिला सेनानी पुष्पराज सिंह, नगर निवेशक आभाष मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदीप मिश्रा
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