ओड़िशा में कौन बनेगा अगला डीजीपी? चयन प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार
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भुवनेश्वर, ओड़िशा।
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता:- स्वामी बिजया नंद जी महाराज
यूपीएससी को भेजे गए 11 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम, पुलिस महकमे में चर्चाएं तेज
भुवनेश्वर, ACGN:- ओड़िशा में अगले पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी की नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है। वर्तमान डीजीपी वाईबी खुरानिया के आगामी 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद राज्य की पुलिस व्यवस्था की कमान किस अधिकारी को सौंपी जाएगी, इसको लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच राज्य सरकार ने डीजीपी चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 11 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेज दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, पहले राज्य सरकार ने केवल तीन अधिकारियों के नाम आयोग को भेजे थे, लेकिन यूपीएससी ने अधिक व्यापक पैनल तैयार करने की सलाह दी। इसके बाद संशोधित सूची तैयार कर पिछले सप्ताह 11 वरिष्ठ अधिकारियों का पैनल आयोग को भेजा गया। इस कदम को चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
यूपीएससी को भेजे गए नामों में 1990 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुधांशु सड़ंगी सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं। वहीं 1993 बैच के सुशांत कुमार नाथ और आरपी कोचे, 1994 बैच के संजीव पंडा और यशवंत कुमार जेठवा के नाम भी प्रमुख दावेदारों में गिने जा रहे हैं। इसके अलावा 1995 बैच की अधिकारी रीतू अरोड़ा, सौमेंद्र प्रियदर्शी, संतोष वाला और पीएस रणपिसे के साथ 1996 बैच के अरुण बोथरा और सुनीता काकरान को भी पैनल में शामिल किया गया है।
इन अधिकारियों में कई वर्तमान में पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। सभी अधिकारियों के पास कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, खुफिया तंत्र और प्रशासनिक कार्यों का लंबा अनुभव है। यही वजह है कि इस बार डीजीपी चयन प्रक्रिया को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रक्रिया के अनुसार अब यूपीएससी इन नामों की समीक्षा कर तीन अधिकारियों का अंतिम पैनल तैयार करेगा। इसके बाद राज्य सरकार इन तीन नामों में से किसी एक अधिकारी को ओड़िशा का नया डीजीपी नियुक्त करेगी। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि इस बार चयन प्रक्रिया में वरिष्ठता के साथ-साथ कार्यशैली, प्रशासनिक क्षमता और कानून व्यवस्था संभालने के अनुभव को भी प्राथमिकता दी जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में यूपीएससी ने डीजीपी नियुक्ति के लिए न्यूनतम सेवा अवधि को 30 वर्ष से घटाकर 25 वर्ष कर दिया था। इस बदलाव के बाद छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारियों को भी डीजीपी पद के लिए पात्र माना जाने लगा है। इसी नियम के तहत इस बार ओड़िशा सरकार ने अपेक्षाकृत बड़ा पैनल तैयार किया है।
राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में अब यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किस अधिकारी को ओड़िशा पुलिस की कमान मिलेगी। आने वाले दिनों में यूपीएससी की स्क्रीनिंग और राज्य सरकार के अंतिम निर्णय पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
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