मोबाइल फॉरेंसिक वैन से अपराध जांच होगी हाईटेक, मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिखाई हरी झंडी
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सरगुजा छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता सौरभ साहू
घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच, प्रदेश में तकनीक आधारित कानून व्यवस्था को मिली नई ताकत
सरगुजा ACGN:- छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था और वैज्ञानिक अपराध अनुसंधान को आधुनिक तकनीक से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर पुलिस ग्राउंड में अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया।

मंत्री अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर इस हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन को रवाना किया। इस अवसर पर लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार तकनीक आधारित सुशासन और मजबूत कानून व्यवस्था स्थापित करने के लिए लगातार आधुनिक पहल कर रही है।

उन्होंने कहा कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन की शुरुआत अपराध जांच प्रणाली को तेज, पारदर्शी और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी। अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी, जिससे अपराधों की जांच अधिक सटीक और प्रभावी बनेगी।

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन पुलिस विभाग के लिए चलती-फिरती वैज्ञानिक प्रयोगशाला की तरह कार्य करेगी। इससे घटनास्थल पर ही साक्ष्य संग्रहण, परीक्षण और संरक्षण किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि कई बार जांच में देरी होने से महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट हो जाते थे, लेकिन अब आधुनिक तकनीक की मदद से मौके पर ही वैज्ञानिक परीक्षण संभव होगा, जिससे न्याय प्रक्रिया और अधिक मजबूत बनेगी।

इस अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नारकोटिक्स परीक्षण किट, हाई रिजॉल्यूशन फोटोग्राफी उपकरण, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट सिस्टम, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट, गनशॉट रेजिड्यू टेस्टिंग सिस्टम सहित कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा कंप्यूटर आधारित डेटा विश्लेषण और सुरक्षित साक्ष्य संरक्षण की व्यवस्था भी इसमें की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि इस वैन के माध्यम से हत्या, सड़क दुर्घटना, साइबर अपराध, नशीले पदार्थों की तस्करी और अन्य गंभीर मामलों की घटनास्थल पर ही प्राथमिक वैज्ञानिक जांच की जा सकेगी। इससे पुलिस जांच की गुणवत्ता बेहतर होगी और अपराधियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाने में सहायता मिलेगी।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और न्याय प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाना है।

उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित यह पहल प्रदेश में कानून व्यवस्था को नई मजबूती देगी और आम लोगों का विश्वास प्रशासन एवं पुलिस व्यवस्था के प्रति और अधिक बढ़ाएगी।
प्रदीप मिश्रा
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