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सच की तह तक

“अब अपराध भी भाग नहीं पाएगा — जीपीएम पुलिस की ‘लैब ऑन व्हील्स’ पहुंची, मौके पर ही साक्ष्य बोलेंगे सच!”

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गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009


65 लाख की अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी, घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच और साक्ष्य विश्लेषण

जीपीएम ACGN : जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही पुलिस को अपराध अनुसंधान के क्षेत्र में बड़ी तकनीकी उपलब्धि प्राप्त हुई है। छत्तीसगढ़ शासन की पहल के तहत जिले को लगभग 65 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है, जो अब घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच और साक्ष्य संकलन का कार्य करेगी।


इस अवसर पर सर्किट हाउस जीपीएम में विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें मोबाइल फॉरेंसिक वैन की तकनीकी कार्यप्रणाली, उपकरणों का उपयोग और अपराध जांच में इसकी भूमिका पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को घटनास्थल पर फिंगरप्रिंट, जैविक नमूने, रक्त धब्बे, बाल, फाइबर, डिजिटल साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन की विधियां समझाई गईं।


कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन, जेएमएफसी पेंड्रारोड सुश्री सीमा जगदल्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश सहित जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी की उपस्थिति में मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर औपचारिक रूप से जिले की सेवा में रवाना किया गया।
विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि अपराध स्थल से प्राप्त वैज्ञानिक साक्ष्य जांच की दिशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि इन साक्ष्यों को सही तरीके से संरक्षित और संकलित किया जाए तो अपराधियों तक पहुंचना अधिक आसान और सटीक हो जाता है। साथ ही यह भी बताया गया कि छोटी सी लापरवाही भी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए हर कदम पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
मोबाइल फॉरेंसिक वैन में लगे आधुनिक उपकरणों की जानकारी देते हुए बताया गया कि अब प्रारंभिक फॉरेंसिक जांच घटनास्थल पर ही संभव होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि साक्ष्यों की गुणवत्ता भी सुरक्षित रहेगी। वैन में फोटोग्राफी, डिजिटल दस्तावेजीकरण, नमूना संग्रहण और प्रारंभिक विश्लेषण की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।


अधिकारियों ने बताया कि यह मोबाइल यूनिट हत्या, लूट, डकैती, सड़क दुर्घटना, साइबर अपराध सहित गंभीर मामलों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे विवेचना अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और मजबूत होगी तथा न्यायालय में अभियोजन पक्ष को भी मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम जिले की पुलिसिंग को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

प्रदीप मिश्रा
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