रायगढ़ को मिली हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन, घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच
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रायगढ़, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता : संजय जेठवानी
एफएसएल लैब के बाद पुलिसिंग को मिली नई ताकत, डिजिटल जांच और साक्ष्य संकलन में आएगी तेजी
रायगढ़ ACGN : रायगढ़ जिले की कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में जिले को बड़ी सौगात मिली है।

क्षेत्रीय एफएसएल कार्यालय रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया गया।
महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति डिग्रीलाल साहू और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने हरी झंडी दिखाकर इस हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट को रवाना किया।

शासन द्वारा जिले को उपलब्ध कराई गई यह अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन “लैब ऑन व्हील्स” सुविधा से सुसज्जित है। इसके माध्यम से अब घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन और डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा सकेगा। इससे अपराध जांच प्रक्रिया में तेजी आने के साथ साक्ष्यों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता भी मजबूत होगी।
महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पुलिस और न्याय व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में रायगढ़ में क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला की स्थापना की गई थी, जिससे रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों की पुलिस जांच व्यवस्था को मजबूती मिली है। अब मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट की शुरुआत से अधिकांश वैज्ञानिक परीक्षण स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेंगे और पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सकेगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने इसे पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि बीते कुछ महीनों में जिले को साइबर थाना, क्षेत्रीय एफएसएल लैब और डायल-112 के लिए आधुनिक ईआरवी वाहन भी मिले हैं। अब मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट जुड़ने से घटनास्थल पर तत्काल पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संग्रहण और परीक्षण किया जा सकेगा, जिससे अपराधियों के खिलाफ मजबूत अभियोजन तैयार करने में मदद मिलेगी।

उप संचालक एफएसएल एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. पी.एस. भगत ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत गंभीर अपराधों और बड़ी दुर्घटनाओं में फॉरेंसिक टीम की तत्काल मौजूदगी अनिवार्य हो गई है। ऐसे में यह मोबाइल यूनिट मौके पर पहुंचकर त्वरित वैज्ञानिक परीक्षण करेगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगी।

मोबाइल फॉरेंसिक वैन में हाईटेक सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर सिस्टम, सैंपल कलेक्शन लैब, फिंगरप्रिंट डेवलपमेंट किट, डीएनए सैंपल संग्रह उपकरण, हाई इंटेंसिटी लाइट सोर्स, डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स, बुलेट होल एवं जीएसआर जांच किट, दस्तावेजीकरण उपकरण और जीपीएस आधारित बॉडी वॉर्न कैमरा जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल पर ही महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकेंगे।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती तजेश्वरी देवी देवांगन, एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी, उप संचालक अभियोजन वेद प्रकाश पटेल, डीएसपी उन्नति ठाकुर, आरआई अमित सिंह, थाना प्रभारीगण, पार्षदगण, न्यायालय एवं पुलिस विभाग के अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डीएसपी सुशांतो बनर्जी ने किया।
प्रदीप मिश्रा
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