अबूझमाड़ में महुआ प्रसंस्करण को मिलेगा बढ़ावा, जनजातीय सहकारी मॉडल पर बनी रणनीति
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
महुआ उत्पादों के जरिए बढ़ेगी आदिवासियों की आय, तेंदूपत्ता संग्राहकों को हो रहा सीधा ऑनलाइन भुगतान
रायपुर ACGN :- अबूझमाड़ क्षेत्र में जनजातीय समुदाय को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और महुआ प्रसंस्करण को संगठित स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जनजातीय नेतृत्व में महुआ प्रसंस्करण के लिए प्रभावी सहकारी मॉडल विकसित करने को लेकर मंत्रालय महानदी भवन में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में आदिवासी समुदाय की अतिरिक्त आय बढ़ाने, वन धन योजना के विस्तार और तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित संरक्षण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वन धन सहकारी समितियों के माध्यम से महुआ के फूलों से कई प्रकार के मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें महुआ लड्डू, कुकीज, स्क्वैश, शरबत और महुआ का अचार प्रमुख रूप से शामिल हैं। अब इन उत्पादों की प्रोसेसिंग और विपणन को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए स्थानीय उद्यमियों को प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा हो सकें।
बैठक में समर्थन मूल्य पर तेंदूपत्ता संग्रहण और उससे जुड़े व्यापार की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी लघु वनोपज संघ द्वारा संग्राहकों को पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए आधुनिक डिजिटल सिस्टम विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से भुगतान की राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में जमा हो रही है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और आदिवासी संग्राहकों को समय पर लाभ मिल रहा है।
मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में महुआ प्रसंस्करण और वन धन योजनाओं का विस्तार आदिवासी समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि वन धन समितियों के माध्यम से तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उनकी ब्रांडिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव रिचा शर्मा, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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