हर ग्रामीण घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने पर सरकार का फोकस, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय
जल जीवन मिशन 2.0 की समीक्षा बैठक में नियमित जलापूर्ति और गुणवत्ता मॉनिटरिंग पर जोर
रायपुर ACGN :- राज्य में हर ग्रामीण घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने और जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव विकास शील ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत नियमित जलापूर्ति और पेयजल की गुणवत्ता की लगातार जांच सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की बैठक में वर्ष 2028 तक शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 की कार्ययोजना, पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था, जल संरक्षण, जनभागीदारी, प्रशिक्षण और “सुजलम भारत” डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर समीक्षा की गई। साथ ही भू-जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए “जल अर्पण” पहल पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मुख्य सचिव ने कहा कि गांवों और बसाहटों में पानी की टंकियां और नल लगाने का काम तेजी से पूरा हुआ है, लेकिन अब सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नियमित जलापूर्ति और पानी की गुणवत्ता बनाए रखना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायतों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं के संचालन और रखरखाव को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि नल-जल योजनाओं की समितियों में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी जिला कलेक्टरों को सौंपी गई है।
बैठक में वित्तीय पारदर्शिता पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड का उपयोग केवल स्वीकृत कार्यों में ही किया जाए। उन्होंने “सुजलम भारत” डिजिटल प्लेटफॉर्म और पीएम गति शक्ति ऐप के माध्यम से रियल टाइम ट्रैकिंग व्यवस्था को मजबूत करने को कहा ताकि पानी सप्लाई व्यवस्था में आने वाली किसी भी खराबी का तत्काल समाधान किया जा सके।

एलडब्ल्यूई प्रभावित और दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2028 की समय सीमा से पहले राज्य के सभी ग्रामीण घरों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए व्यापक और प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत राज्य में सिंगल विलेज स्कीम के अंतर्गत 29 हजार 90 योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनके माध्यम से स्थानीय जल स्रोतों से पाइपलाइन के जरिए घर-घर पानी पहुंचाया जा रहा है। वहीं दूरस्थ क्षेत्रों और कई गांवों के समूहों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए 70 बल्क वॉटर स्कीम संचालित हैं।
पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में छूटे हुए परिवारों तक पेयजल पहुंचाने के लिए विशेष कार्ययोजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारी वर्चुअली और प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुए।
प्रदीप मिश्रा
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