पेयजल संकट नहीं होना चाहिए, गांव-शहर में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करें – कलेक्टर कुणाल दुदावत
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों, सुशासन तिहार और फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
कोरबा, ACGN:- कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मंगलवार को आयोजित समय सीमा की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति नहीं आनी चाहिए। उन्होंने नगर निगम, नगरीय निकायों और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी क्षेत्रों में सुचारू रूप से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा खराब हैंडपंपों का तत्काल सुधार कराया जाए।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, मानव अधिकार आयोग सहित विभिन्न कार्यालयों से प्राप्त लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों को सूचीबद्ध कर संबंधित विभागों को भेजा जाए और समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसमस्या निवारण शिविरों में सभी विभागों की उपस्थिति अनिवार्य रहे और प्राप्त आवेदनों का मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया जाए। साथ ही ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में विद्यार्थियों के जाति प्रमाणपत्र, आधार अपडेट और अपार आईडी निर्माण को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को सात दिवस के भीतर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र विद्यार्थियों की स्कूलवार सूची प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक अपडेट समय सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्वास्थ्य विभाग को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान को तेज करने के निर्देश देते हुए लक्षित क्षेत्रों में जांच अभियान चलाने और एनजीओ का सहयोग लेने को कहा। उन्होंने सिकल सेल जांच और प्रमाणपत्र वितरण को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग को कुपोषण मुक्ति अभियान चलाने और महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण करने को कहा गया।
बैठक में जल संरक्षण को लेकर भी गंभीर चर्चा हुई। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को गांव-गांव सर्वे कर नदी-नालों की पहचान करने तथा पानी की आवश्यकता वाले स्थानों पर संरचना निर्माण की योजना तैयार करने के निर्देश दिए ताकि वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
कलेक्टर ने ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा 2.0 के तहत ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निराकरण पर जोर देते हुए कहा कि जिन सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है, उनके आवेदन भी ऑनलाइन ही प्राप्त किए जाएं। उन्होंने स्वनिधि योजना के आवेदनों का 10 दिनों के भीतर निराकरण कर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्कूलों के आसपास से ठेले हटाने, तालाबों का सीमांकन, रेत घाटों की समीक्षा, भू-अर्जन और भू-आबंटन के लंबित मामलों के निराकरण, पीएम सूर्यघर योजना की प्रगति तथा जनजातीय गरिमा उत्सव के सफल आयोजन को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत नगरीय क्षेत्रों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्रित करने तथा पार्षदों और आम नागरिकों के सहयोग से मॉडल वार्ड विकसित करने पर भी जोर दिया।
प्रदीप मिश्रा
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