नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , धरसींवा और पिपरोद बने स्वच्छता व कचरा प्रबंधन के मॉडल, कचरे से कंचन बनाकर ग्राम पंचायतें कमा रहीं नियमित आय – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

धरसींवा और पिपरोद बने स्वच्छता व कचरा प्रबंधन के मॉडल, कचरे से कंचन बनाकर ग्राम पंचायतें कमा रहीं नियमित आय

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

रायपुर (छत्तीसगढ़)

By ACGN 7647981711, 9303948009

संवाददाता:- अनादि पांडेय

डोर टू डोर कचरा संग्रहण, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ भारत मिशन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के साथ रोजगार और आय सृजन को मिली नई दिशा

रायपुर ACGN:- जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक प्रेरणादायक बदलाव देखने को मिल रहा है जहां ग्राम पंचायत धरसींवा और अभनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत पिपरोद ने कचरा प्रबंधन को एक सफल आय स्रोत और स्वच्छता अभियान का मजबूत आधार बना दिया है


ग्राम पंचायत धरसींवा में डोर टू डोर कचरा संग्रहण प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू किया गया है जहां स्वच्छाग्रही महिला समूह “ॐ नमः शिवाय” द्वारा घर घर जाकर गीला और सूखा कचरा अलग अलग एकत्र किया जा रहा है इस नियमित व्यवस्था से गांव में स्वच्छता का स्तर काफी बेहतर हुआ है और लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है

पंचायत द्वारा ठोस और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 45 हजार से 50 हजार रुपये की आय अर्जित की जा रही है जिससे पंचायत को आर्थिक मजबूती मिली है साथ ही स्वच्छाग्रही दीदियों को रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर प्राप्त हुआ है
वहीं अभनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत पिपरोद में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र की स्थापना की गई है जहां गांवों से एकत्र प्लास्टिक कचरे को व्यवस्थित रूप से रिसाइक्लिंग प्रक्रिया के लिए भेजा जा रहा है


इस व्यवस्था में प्लास्टिक कचरे का पृथक्करण संग्रहण और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जा रहा है जिससे गांवों में खुले में कचरा फेंकने की प्रवृत्ति में कमी आई है और स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हुई है
प्लास्टिक कचरे को पुनर्चक्रण योग्य संसाधन में बदलकर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है साथ ही इस पहल से ग्रामीण स्तर पर नए रोजगार अवसर भी सृजित हो रहे हैं और लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखा जा रहा है
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की योजनाओं से गांव न केवल स्वच्छ बन रहे हैं बल्कि आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर हो रहे हैं जिससे यह मॉडल अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा बन गया है

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now