द्वीप्ति योजना से गांवों में जलेगी आत्मनिर्भरता की रोशनी
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
महिलाओं के नेतृत्व में सौर ऊर्जा क्रांति लाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वर्ष 2026 से 2031 तक के लिए महत्वाकांक्षी ‘द्वीप्ति योजना’ को मंजूरी दे दी है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में संचालित होने वाली यह योजना प्रदेश में महिला नेतृत्व आधारित हरित ऊर्जा क्रांति की नई शुरुआत मानी जा रही है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को ऊर्जा संपत्तियों की स्वामी, संचालक और तकनीकी प्रबंधक के रूप में स्थापित करना है।
योजना के तहत ग्राम स्तर पर ‘सोलर दीदी’ यानी ऊर्जा सखी का विशेष कैडर तैयार किया जाएगा। चयनित महिलाओं को सौर ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना, संचालन और तकनीकी रखरखाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये प्रशिक्षित महिलाएं गांवों में सोलर मिल, कोल्ड स्टोरेज, सिंचाई प्रणाली और अन्य सौर उपकरणों के संचालन की जिम्मेदारी संभालेंगी। इससे दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में तकनीकी खराबियों का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा और ग्रामीण अधोसंरचना लगातार सक्रिय बनी रहेगी।
द्वीप्ति योजना के अंतर्गत क्लस्टर लेवल फेडरेशन को महिला ऊर्जा सहकारी समितियों के रूप में विकसित किया जाएगा। महासमुंद और बस्तर जिले के कई CLF पहले ही विक्रेता के रूप में पंजीकृत हो चुके हैं। इन समितियों को प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से भी जोड़ा जाएगा, जिससे उपकरणों की थोक खरीद और स्थानीय स्तर पर बिक्री व सर्विसिंग का कार्य सुगम हो सकेगा।
ग्रामीण उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए योजना में ‘पे-पर-यूज़’ और ‘पे-एज़-यू-गो’ मॉडल लागू किए जाएंगे, जिसके तहत उपभोक्ताओं को केवल उपयोग की गई ऊर्जा का भुगतान करना होगा। महिला ऊर्जा उद्यमों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए पंचायतों के रखरखाव अनुबंधों में 25 प्रतिशत कार्य इन समितियों के लिए आरक्षित रखने का निर्णय लिया गया है।
योजना का तकनीकी प्रारूप ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के सहयोग से तैयार किया गया है और इसका क्रियान्वयन राज्य के ‘बिहान’ नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा। प्रदेश के लगभग 2.7 लाख स्व-सहायता समूहों की भागीदारी से यह योजना महिलाओं के लिए रोजगार, नेतृत्व और स्वच्छ ऊर्जा के नए अवसर लेकर आएगी।
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा कि ‘द्वीप्ति योजना’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में उपभोक्ता से स्वामी और प्रबंधक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री के ‘नेट जीरो’ और ‘हरित भारत’ संकल्प को मजबूत करने के साथ ही प्रदेश के गांवों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल साबित होगी।
प्रदीप मिश्रा
देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
हम लाते है निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरे
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






