350 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपि का होगा संरक्षण
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय
ज्ञानभारतम् मिशन के तहत पंडित संतोष राव सम्मानित, सांस्कृतिक धरोहर को मिलेगा राष्ट्रीय पहचान
रायपुर, ACGN:- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आह्वान पर संचालित ज्ञानभारतम् मिशन के अंतर्गत रायपुर जिले में प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिलेभर से ऐतिहासिक पांडुलिपियों का संग्रहण कर उन्हें ज्ञानभारतम् पोर्टल में दर्ज किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर पंचायत खरोरा निवासी 76 वर्षीय पंडित संतोष राव द्वारा वर्षों से संरक्षित दो दुर्लभ पांडुलिपियों को ज्ञानभारतम् पोर्टल में शामिल किया गया है।
जानकारी के अनुसार पंडित संतोष राव के पास माता परमेश्वरी से संबंधित श्री देवांग पुराण की दो प्राचीन पांडुलिपियां सुरक्षित हैं। इनमें एक लगभग 350 वर्ष पुरानी भोजपत्र पर लिखित पांडुलिपि है, जिसमें 101 पृष्ठ शामिल हैं। वहीं दूसरी पांडुलिपि लगभग 100 वर्ष पुरानी है, जिसमें 151 पृष्ठ हैं। इन दुर्लभ ग्रंथों को पीढ़ियों से सुरक्षित रखा गया है।
प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने पंडित संतोष राव के निवास पहुंचकर दोनों पांडुलिपियों का अवलोकन किया तथा उनकी तस्वीरें और विस्तृत जानकारी ज्ञानभारतम् ऐप में अपलोड की। इस अवसर पर एसडीएम आशुतोष कुमार देवांगन ने पंडित संतोष राव को शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
पंडित संतोष राव ने बताया कि उनके पूर्वजों द्वारा इन पवित्र ग्रंथों को वर्षों से सुरक्षित रखा गया है और शासन की इस पहल से अब इन पांडुलिपियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकेगी।
इस दौरान तहसीलदार खरोरा चंद्रशेखर मंडई, अतिरिक्त तहसीलदार सूर्यकांत कुंभकार, सीएमओ खरोरा ओमप्रकाश सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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