अबूझमाड़ में डिजिटल क्रांति, ताहकाडोंड में पहली बार गूंजी मोबाइल की घंटी
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रायपुर छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
सुदूर वनांचल में मोबाइल टावर बनने से बदली जिंदगी, अब पहाड़ चढ़े बिना दुनिया से जुड़ रहे ग्रामीण
रायपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग का वह इलाका जिसे कभी ‘अबूझ’ यानी अनजान कहा जाता था, अब डिजिटल दुनिया से जुड़कर विकास की नई कहानी लिख रहा है। नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड अंतर्गत सुदूर वनांचल ग्राम ताहकाडोंड में पहली बार मोबाइल टावर स्थापित होने के बाद वर्षों से चला आ रहा संचार का सन्नाटा टूट गया है। अब ग्रामीणों को अपनों से बात करने के लिए पहाड़ियों की ऊंचाइयों पर चढ़ने की जरूरत नहीं पड़ रही, बल्कि वे घर बैठे ही मोबाइल नेटवर्क के जरिए दुनिया से जुड़ रहे हैं।

अबूझमाड़ जैसे दुर्गम और वनांचल क्षेत्र में मोबाइल कनेक्टिविटी का पहुंचना केवल तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की बड़ी पहल माना जा रहा है। लंबे समय तक ‘नो नेटवर्क ज़ोन’ के रूप में पहचान रखने वाले ताहकाडोंड और आसपास के गांवों में अब डिजिटल क्रांति की शुरुआत हो चुकी है।
ग्राम पंचायत मेटानार के आश्रित ग्राम ताहकाडोंड सहित कदेर और ब्रेहबेड़ा जैसे गांवों के लोगों को पहले एक फोन कॉल करने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था या ऊंचे पहाड़ों पर जाकर सिग्नल तलाशना पड़ता था। मोबाइल टावर शुरू होने के बाद अब करीब 400 ग्रामीण सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं और संचार सुविधा उनके जीवन का हिस्सा बन चुकी है।

मोबाइल नेटवर्क आने से ग्रामीणों को आपातकालीन सेवाओं का भी बड़ा लाभ मिलने लगा है। अब जरूरत पड़ने पर ग्रामीण तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा को कॉल कर सकते हैं, जिससे समय पर इलाज मिलने की संभावना बढ़ी है। इससे मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और गंभीर बीमारियों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
डिजिटल कनेक्टिविटी ने ग्रामीणों के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोल दिए हैं। अब ग्रामीण ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान और विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन घर बैठे कर पा रहे हैं। शासन की योजनाओं की जानकारी सीधे हितग्राहियों तक पहुंचने लगी है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका कम हुई है।
ग्रामीणों ने इस पहल को एक नए युग की शुरुआत बताते हुए खुशी जताई है। लोगों का कहना है कि मोबाइल नेटवर्क आने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में भी आसानी होगी और युवाओं को नई जानकारियां तथा अवसर मिल सकेंगे।
अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में मोबाइल टावर की स्थापना यह साबित करती है कि अब भौगोलिक बाधाएं विकास के रास्ते में रुकावट नहीं बनेंगी और शासन की योजनाएं अंतिम छोर तक पहुंचाने का संकल्प लगातार मजबूत हो रहा है।
प्रदीप मिश्रा
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