जमीन विवाद में बड़ी मां की हत्या, छाल पुलिस ने चंद घंटों में सुलझाया अंधा कत्ल
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
रायगढ़, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता संजय जेठवानी
हत्या कर शव मोटरसाइकिल से जंगल में फेंका, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सनसनीखेज खुलासा
रायगढ़ जिले के छाल थाना क्षेत्र में जमीन विवाद ने एक दर्दनाक और सनसनीखेज मोड़ ले लिया, जहां एक युवक ने अपनी ही बड़ी मां की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को छिपाने के लिए जंगल में फेंक दिया। हालांकि, रायगढ़ पुलिस की त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक विवेचना और सघन पूछताछ के चलते इस अंधे कत्ल का खुलासा चंद घंटों में कर लिया गया।
घटना ग्राम बेहरामार की है, जहां 22 अप्रैल को लोकनाथ राठिया ने थाना छाल में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी 70 वर्षीय मां केवला बाई राठिया पिछले 4-5 दिनों से लापता हैं और जमीन विवाद के चलते उनके चचेरे भाई आशन राठिया पर संदेह जताया। इसी बीच बेहरामार-जामपाली मार्ग के जंगल क्षेत्र से दुर्गंध आने और शव पड़े होने की सूचना मिली, जिस पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची।
झाड़ियों के बीच एक गड्ढे से सड़ा-गला शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान केवला बाई राठिया के रूप में की गई। प्रारंभिक जांच में ही हत्या की आशंका गहराने लगी। पुलिस ने जब परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की तो जमीन बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद की बात सामने आई।
जांच में खुलासा हुआ कि 18 अप्रैल को महुआ बीनने के दौरान आरोपी आशन राठिया का अपनी बड़ी मां से विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। आरोपी ने हाथ-मुक्कों और लात-घूसों से हमला कर वृद्ध महिला की हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के इरादे से शव को मोटरसाइकिल में लादकर जंगल के झुरमुट में फेंक दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर संदेही को हिरासत में लिया। सघन पूछताछ में आरोपी टूट गया और उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और अन्य साक्ष्य भी बरामद किए।

आरोपी आशन राठिया (36 वर्ष), निवासी बेहरामार को गिरफ्तार कर अपराध क्रमांक 86/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस पूरे मामले का खुलासा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के मार्गदर्शन में किया गया। कार्रवाई में थाना प्रभारी नासिर खान सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही।
इस घटना पर कड़ा संदेश देते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जमीन-जायदाद या पारिवारिक विवादों में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। ऐसे मामलों में कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि विवादों का समाधान कानूनी और संवाद के माध्यम से करें, न कि हिंसा के रास्ते पर चलें।
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि पारिवारिक विवाद जब कानून और संयम की सीमा लांघते हैं, तो उसके परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं। रायगढ़ पुलिस की तत्परता से जहां एक जघन्य अपराध का खुलासा हुआ, वहीं समाज के लिए एक कड़ा संदेश भी सामने आया है।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकारों के प्रति समर्पित अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space






