धर्म स्वातंत्र्य सहित तीन महत्वपूर्ण विधेयक पारित, प्रदेश के लिए नई व्यवस्था का मार्ग प्रशस्त
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN : 7647981711, 9303948009
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात, धर्मांतरण पर सख्ती और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था को लेकर जताया आभार
रायपुर: राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने विधायक पुरंदर मिश्र के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कर बजट सत्र में धर्म स्वातंत्र्य, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल तथा छत्तीसगढ़ लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 के पारित होने पर उनका सम्मान करते हुए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026, छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक 2026 और छत्तीसगढ़ लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 का विधानसभा में पारित होना प्रदेशवासियों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक हमारी महान परंपराओं और मूल्यों की रक्षा के लिए सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता का प्रतीक है, वहीं अन्य दोनों विधेयक युवाओं के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सनातन धर्मावलंबियों द्वारा लंबे समय से धर्मांतरण के विरुद्ध सख्त कानून बनाने की मांग की जा रही थी। इस मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 पारित किया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी इस संबंध में कानून था, लेकिन वह पर्याप्त प्रभावी नहीं होने के कारण अवैध धर्मांतरण कराने वाले कई लोग कार्रवाई से बच जाते थे। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में धर्मांतरण के कारण सामाजिक तानाबाना भी प्रभावित हो रहा था जिससे प्रदेश की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। इस नए कानून के माध्यम से अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को पारित कर राज्य सरकार ने पूर्व राज्यसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय जूदेव जी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है, जिन्होंने धर्मांतरण के विरुद्ध प्रखर अभियान चलाते हुए घर वापसी आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं की आवाज को सुनते हुए भर्ती प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक पारित किया है। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों और नकल जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए छत्तीसगढ़ लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026 को भी सर्वसम्मति से पारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में उत्तर विधायक पुरंदर मिश्र ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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