जनजातीय शौर्य और बलिदान की अमर गाथा है छत्तीसगढ़ की धरती : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
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रायपुर – छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि, चौक, मूर्ति और सामाजिक केंद्रों की बड़ी घोषणाएं
रायपुर | ACGN :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के तत्वावधान में साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने महान जनजातीय नायक और स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती जनजातीय शौर्य, संघर्ष और बलिदान की साक्षी रही है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शहीद गैंदसिंह के सम्मान में नया रायपुर में चौक के नामकरण एवं मूर्ति स्थापना की घोषणा की। साथ ही चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार तथा बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव और बस्तर जिले के भानपुरी व करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण के लिए प्रत्येक स्थान पर 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा की गई। ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण और चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की गई।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत भले ही 1857 से मानी जाती है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इससे बहुत पहले जनजातीय समाज ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष छेड़ दिया था। शहीद गैंदसिंह वर्ष 1825 में अंग्रेजों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए और उन्होंने जनजातीय चेतना को नई दिशा दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिन्होंने अंग्रेजों की नींव हिला दी। यह धरती वीर नारायण सिंह, शहीद गैंदसिंह और वीर गुण्डाधुर जैसे महान नायकों की भूमि है। लंबे समय तक इन जननायकों को इतिहास में वह स्थान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब जनजातीय नायकों को राष्ट्रीय सम्मान मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नया रायपुर में निर्मित ट्राइबल म्यूजियम में छत्तीसगढ़ की 14 जनजातीय क्रांतियों का जीवंत और सचित्र वर्णन किया गया है, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया है। उन्होंने आमजन से इस संग्रहालय के अवलोकन का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आसीन हैं और छत्तीसगढ़ का नेतृत्व भी जनजातीय समाज के बेटे के हाथों में है। जनजातीय गौरव दिवस, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना और प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से समाज के विकास की नई राह तैयार हो रही है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शहीद गैंदसिंह छत्तीसगढ़ के पहले जनजातीय शहीद थे, जिन्होंने अंग्रेजी शोषण के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंका। कार्यक्रम में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र माहला, महामंत्री गिरवर सिंह ठाकुर, महेश गागड़ा सहित बड़ी संख्या में समाजजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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