स्नान पर नहीं, पहिया लगी पालकी पर थी आपत्ति—स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के संगम स्नान प्रकरण पर माघ मेला प्रशासन का पक्ष
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प्रयागराज | उत्तर प्रदेश
By ACGN | 7647981711, 9303948009
प्रयागराज, 20 जनवरी — माघ मेला के मौनी अमावस्या महास्नान के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा संगम में डुबकी न लगाने के प्रकरण पर सोमवार को माघ मेला प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों ने अपना पक्ष स्पष्ट किया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि स्वामी को स्नान से रोका नहीं गया, बल्कि सुरक्षा कारणों से आग्रह किया गया था। प्रशासन की आपत्ति स्नान पर नहीं, बल्कि पहिया लगी पालकी पर थी, जिसके माध्यम से संगम नोज तक जाने की मांग की गई थी। उस समय संगम नोज पर भारी भीड़ थी और ऐसी स्थिति में पहिया लगी पालकी से घाट तक जाना भगदड़ या अनहोनी की आशंका बढ़ा सकता था।
मंडलायुक्त ने बताया कि स्वामी बिना पूर्व सूचना के सैकड़ों अनुयायियों के साथ वाहनों से संगम के पास बैरियर तक पहुंचे थे। शनिवार को दो वाहनों, सुरक्षा एवं प्रोटोकॉल की मांग की गई थी, जिसे प्रशासन ने अस्वीकार कर दिया था। इसके बावजूद बिना अनुमति आगे बढ़ते हुए पांटून पुल-2 और फिर संगम टावर के पास लगे बैरियर को तोड़ा गया। उस समय संगम क्षेत्र में स्नानार्थियों का अत्यधिक दबाव था।
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि ज्योतिष्पीठ और बद्रिकाश्रम पीठ से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों (क्लॉज-ए) का पालन कराना प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने बताया कि बैरियर तोड़ने से लेकर संगम मार्ग को करीब तीन घंटे तक बाधित रखने की घटनाओं की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजयपाल शर्मा, डीआईजी मुख्यालय विजय ढुल, एसपी मेला नीरज पांडेय और उप मेलाधिकारी विवेक शुक्ला उपस्थित रहे।
मेलाधिकारी ऋषि राज ने कहा कि संगम के मुख्य वापसी मार्ग के बाधित होने से श्रद्धालुओं को असुविधा हुई और व्यवस्था संभालने के लिए सैकड़ों पुलिसकर्मियों को चेन बनाकर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी।
प्रदीप मिश्रा
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