शिवाय हॉस्पिटल पर इलाज को लेकर गंभीर सवाल! ऑपरेशन के 3 महीने बाद महिला के पेट में 80 सीसी मवाद मिलने का दावा
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
ऑपरेशन के बाद लगातार बिगड़ती रही महिला की हालत, पति ने कलेक्टर, सीएमएचओ और एसपी से की शिकायत। कल्चर जांच के सैंपल को लेकर भी उठाए सवाल, मेडिकल बोर्ड से जांच और अस्पताल के रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग।
कोरबा ACGN:- मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचता है, लेकिन यदि ऑपरेशन के महीनों बाद भी उसकी परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती जाए तो सवाल उठना स्वाभाविक है। कोरबा के शिवाय हॉस्पिटल में ऑपरेशन के करीब तीन महीने बाद एक महिला की बिगड़ती हालत का मामला सामने आया है। महिला के पति ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सकों पर संभावित चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए कलेक्टर, सीएमएचओ और पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपी है। इस शिकायत ने अस्पताल की उपचार व्यवस्था और मरीजों की देखभाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायतकर्ता विकास कुमार अग्रवाल के अनुसार उनकी पत्नी सोनम अग्रवाल का करीब तीन महीने पहले शिवाय हॉस्पिटल में बच्चेदानी एवं फैलोपियन ट्यूब से संबंधित समस्या को लेकर लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ समय बाद टांके वाली जगह पर सूजन आने लगी और मवाद निकलने लगा। कैमरा डालने के लिए बनाए गए चीरे वाली जगह से भी पस निकलने लगा। दवाइयां और उपचार जारी रहने के बावजूद समस्या में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।


सीटी स्कैन में 80 सीसी मवाद, आखिर कैसे बिगड़ी हालत?
परिवार के मुताबिक 24 अक्टूबर 2026 को कराए गए सीटी स्कैन में ऑपरेशन वाली जगह पर लगभग 80 सीसी मवाद जमा होने का उल्लेख सामने आया। रिपोर्ट में संक्रमण प्रभावित हिस्से का आकार 6.2 × 5.2 × 5 सेंटीमीटर बताया गया है। शिकायत के अनुसार संक्रमण पेट की दीवार की त्वचा के नीचे से मांसपेशियों और आसपास के ऊतकों तक फैला हुआ था।

इसके बाद पुराने टांके वाली जगह को दोबारा खोलकर घाव की ड्रेसिंग शुरू की गई। लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद महिला को राहत नहीं मिली और शरीर के दूसरे स्थान से भी मवाद निकलने लगा। लगातार बिगड़ती स्थिति ने परिवार की चिंता बढ़ा दी है।

कल्चर जांच के सैंपल पर भी उठे गंभीर सवाल
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल मवाद की कल्चर एवं सेंसिटिविटी जांच को लेकर सामने आया है। विकास अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने संबंधित चिकित्सक से कई बार मवाद का सैंपल लेकर जांच कराने का आग्रह किया था। उन्हें सैंपल भेजे जाने की जानकारी दी गई, लेकिन जब अगले दिन उन्होंने संबंधित लैब से संपर्क किया तो कथित तौर पर बताया गया कि सोनम अग्रवाल के नाम से कोई सैंपल प्राप्त नहीं हुआ और न ही रिकॉर्ड में उसकी एंट्री मिली।
शिकायतकर्ता का दावा है कि लैब में हुई बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास मौजूद है। अब सवाल यह है कि यदि सैंपल भेजा गया था तो वह लैब तक क्यों नहीं पहुंचा? क्या सैंपल लिया ही नहीं गया था? इस पूरे मामले की रिकॉर्ड सहित जांच कराने की मांग की गई है।
कलेक्टर से लेकर एसपी तक पहुंची शिकायत
विकास अग्रवाल ने प्रशासन से स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड गठित कर महिला की वर्तमान स्थिति और पूरे उपचार की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने ऑपरेशन नोट्स, डिस्चार्ज समरी, दवाइयों का विवरण, मेडिकल फाइल, लैब रिकॉर्ड और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग भी की है। साथ ही संबंधित चिकित्सकों से लिखित स्पष्टीकरण लेकर जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
शिवाय हॉस्पिटल प्रबंधन का पक्ष अभी सामने नहीं आया
इस मामले में शिवाय हॉस्पिटल प्रबंधन का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन कर्मचारियों ने बताया कि उस समय डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपचार प्रक्रिया को लेकर अस्पताल की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अब जवाबदेही तय होगी या मामला फाइलों में सिमट जाएगा?
शिवाय हॉस्पिटल से जुड़े इस मामले में अब कई सवाल प्रशासन के सामने हैं। ऑपरेशन के बाद संक्रमण की स्थिति कैसे बनी? कल्चर जांच के सैंपल का रिकॉर्ड कहां है? उपचार के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया सही थी या नहीं? इन सवालों का जवाब बिना स्वतंत्र चिकित्सकीय जांच के नहीं मिल सकता।
परिवार की पहली जरूरत महिला को बेहतर और उचित उपचार दिलाना है। स्वास्थ्य विभाग को चाहिए कि शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेकर मेडिकल बोर्ड से निष्पक्ष जांच कराए और सभी संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखवाए। किसी अस्पताल या चिकित्सक को बिना जांच दोषी ठहराना उचित नहीं, लेकिन मरीज की गंभीर शिकायत को अनदेखा करना भी न्यायसंगत नहीं है।
आखिर मरीज इलाज कराने अस्पताल पहुंचता है या नई परेशानी लेकर घर लौटने के लिए? अब देखना होगा कि शिवाय हॉस्पिटल के इस मामले में स्वास्थ्य विभाग कितनी गंभीरता दिखाता है और जांच से सच्चाई कब सामने आती है।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
आपके क्षेत्र में भी कोई महत्वपूर्ण खबर, जनसमस्या या जनहित का मुद्दा हो तो हमें इस नंबर पर भेजें। 7647981711, 9303948009।
अपने क्षेत्र की घटनाओं, जनसमस्याओं और भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़ (ACGN) से जुड़ें। छत्तीसगढ़ के सभी ब्लॉक, जिला एवं पंचायत स्तर पर प्रतिनिधियों की नियुक्ति की जा रही है। इच्छुक युवक एवं युवतियां, जो निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के माध्यम से अपने क्षेत्र की आवाज बनना चाहते हैं, वे दिए गए संपर्क नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
संपर्क सूत्र : 7647981711, 9303948009।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
















































