शादी का सपना दिखाकर साइबर ठगी का खेल! AI से बनाते थे फर्जी लड़कियों की तस्वीरें, सुपेला में फर्जी मैरिज ब्यूरो का पर्दाफाश
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
दुर्ग, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर
कल्याण मैट्रिमोनी, एलिट मैच मैट्रिमोनी और फ्यूचर पार्टनर के नाम से सोशल मीडिया पर चल रहा था ठगी का नेटवर्क; ₹2,83,600 की सामग्री जब्त, 24 वर्षीय संचालक गिरफ्तार।
दुर्ग ACGN:- विवाह की उम्मीद लेकर मैरिज ब्यूरो से संपर्क करने वाले लोगों को ही साइबर ठगी का शिकार बनाने का सनसनीखेज मामला दुर्ग जिले के सुपेला थाना क्षेत्र में सामने आया है। यहां सोशल मीडिया पर फर्जी मैरिज ब्यूरो संचालित कर AI से तैयार काल्पनिक युवतियों की तस्वीरें दिखाकर देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों से ऑनलाइन रकम वसूली जा रही थी। सुपेला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस कथित फर्जीवाड़े के संचालक परमानंद यादव (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले करीब तीन माह से यह गतिविधि संचालित कर रहा था।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की दबिश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर 2026 को सुपेला पुलिस को सूचना मिली कि उत्तर गंगोत्री भवन में यूनियन बैंक के पास स्थित एक परिसर के हॉल में एलिट मैच मैट्रिमोनी के नाम से फर्जी मैरिज ब्यूरो चलाया जा रहा है। यहां फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों के माध्यम से लोगों के साथ साइबर धोखाधड़ी की जा रही थी।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने गवाहों के साथ मौके पर दबिश दी। वहां मैरिज ब्यूरो का संचालक परमानंद यादव और चार युवतियां काम करते हुए मिलीं। परिसर की तलाशी के दौरान कंप्यूटर, इंटरनेट वाई-फाई, कीपैड और एंड्रॉयड मोबाइल, सिम कार्ड, बैंक खातों की चेकबुक, भुगतान के लिए इस्तेमाल होने वाले QR कोड, प्रचार संबंधी फ्लेक्स तथा ग्राहकों के मोबाइल नंबर और भुगतान की जानकारी वाले रजिस्टर बरामद किए गए।
AI की तस्वीरों से बनाते थे भरोसा, फिर मांगते थे पैसे
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कल्याण मैट्रिमोनी, एलिट मैच मैट्रिमोनी और फ्यूचर पार्टनर के नाम से प्रचार करता था। इसके लिए AI की मदद से काल्पनिक युवतियों की तस्वीरें और फर्जी मोबाइल नंबर इस्तेमाल किए जाते थे।
विवाह के इच्छुक लोग जब इन प्रोफाइल के जरिए संपर्क करते और अपना बायोडाटा भेजते, तब उन्हें उनकी पसंद की लड़की से विवाह कराने का भरोसा दिलाया जाता था। इसके बाद मैरिज काउंसलर के नाम से इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों के QR कोड के माध्यम से शुरुआती तौर पर प्रति व्यक्ति 2,000 रुपये और अन्य राशि जमा कराई जाती थी। रकम मिलते ही संबंधित लोगों के मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिए जाते थे और उनसे संपर्क बंद कर दिया जाता था।
नौकरी का झांसा देकर युवतियों से कराया जा रहा था काम
मौके पर मिली युवतियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें अच्छी कंपनी में नौकरी देने का झांसा देकर बुलाया गया था। उन्हें प्रतिमाह 7,000 रुपये वेतन देने का आश्वासन दिया गया और दो दिन का प्रशिक्षण भी दिया गया था। इसके बाद उन्हें मैरिज काउंसलर के रूप में ग्राहकों से बातचीत करने और QR कोड के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने का काम सौंपा गया था।
पुलिस के मुताबिक, यह फर्जी कॉल सेंटर लगभग तीन महीने से संचालित था और प्रतिदिन करीब 20 से 50 कॉल किए और प्राप्त किए जाते थे। विभिन्न बैंक खातों की जांच में समन्वय पोर्टल पर भी संबंधित खातों के विरुद्ध शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
₹2.83 लाख से अधिक की सामग्री जब्त
पुलिस ने मौके से नगद राशि और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित कुल 2,83,600 रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसमें 1,64,000 रुपये नगद, एयरटेल और वीआई के 16 सिम कार्ड, 22 कीपैड मोबाइल, 4 एंड्रॉयड मोबाइल, कंप्यूटर सेट, इंटरनेट वाई-फाई तथा विभिन्न बैंकों की पासबुक और चेकबुक शामिल हैं। जब्त मोबाइलों की अनुमानित कीमत 78,000 रुपये और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की कीमत 40,000 रुपये बताई गई है।
आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
पुलिस ने आरोपी परमानंद यादव, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम ओटेबंद, थाना नंदनी, अहिवारा, जिला दुर्ग, वर्तमान पता नेहरू नगर ईस्ट, को गिरफ्तार किया है। उसके विरुद्ध थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1630/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) और 319(2) में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुपेला निरीक्षक एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक खेलन साहू, नमिता टेकाम, मिथलेश साहू एवं संतोष निर्मलकर की विशेष भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले विवाह संबंधी विज्ञापनों और मैरिज ब्यूरो की विश्वसनीयता जांचे बिना किसी पर भरोसा न करें। केवल तस्वीरों और ऑनलाइन प्रोफाइल के आधार पर विवाह संबंधी निर्णय लेने से बचें। रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोफाइल फीस या अन्य किसी बहाने से मांगी जाने वाली अग्रिम राशि जमा करने से पहले संस्था की सत्यता की जांच जरूर करें।
पुलिस ने यह भी कहा है कि किसी अनजान व्यक्ति को आधार कार्ड, बैंक विवरण, ओटीपी, पासवर्ड या निजी दस्तावेज साझा न करें। नौकरी या कमीशन का लालच देकर बैंक खाता, सिम कार्ड अथवा QR कोड इस्तेमाल करने की मांग की जाए तो सतर्क रहें। ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
शादी के नाम पर ऑनलाइन भरोसा करने से पहले जांच जरूरी है। सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर तस्वीर और प्रोफाइल वास्तविक नहीं होती। थोड़ी सी सावधानी लोगों को बड़ी आर्थिक ठगी और कानूनी परेशानी से बचा सकती है।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
आपके क्षेत्र में भी कोई महत्वपूर्ण खबर, जनसमस्या या जनहित का मुद्दा हो तो हमें इस नंबर पर भेजें। 7647981711, 9303948009।
अपने क्षेत्र की आवाज बनने के लिए जुड़े हमारे साथ। छत्तीसगढ़ के सभी जिले, तहसील एवं ब्लॉक में प्रतिनिधि नियुक्त किए जा रहे हैं।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
आणखी कथा
















































