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शहादत के साए में बदला बस्तर, अब नक्सलवाद पर आखिरी प्रहार!

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      पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि

रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर

पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अमर शहीद जवानों को नमन किया, शहीद परिवारों का सम्मान; बोले—जवानों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा का नया अध्याय।

रायपुर ACGN:- छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लंबे संघर्ष के बाद शांति और सुरक्षा की तस्वीर बदलने का श्रेय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन वीर जवानों को दिया है, जिन्होंने कर्तव्य की राह पर अपने प्राण न्योछावर कर दिए। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड में मुख्यमंत्री ने अमर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिवारों का सम्मान किया।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य, साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। दशकों तक नक्सल हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में अब शांति, सुरक्षा और विश्वास का नया वातावरण दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि अमर जवानों का बलिदान प्रदेश के विकास और सुरक्षित भविष्य के निर्माण का मार्गदर्शन करता रहेगा।


मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शहीद पुलिस अधिकारियों और जवानों के परिजनों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि एक जवान के पीछे उसके परिवार का त्याग, धैर्य और साहस भी जुड़ा होता है। इसलिए शहीद परिवारों का सम्मान और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
पुलिस स्मृति दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख में भारत-तिब्बत सीमा पर तैनात भारतीय पुलिस के जवानों ने चीनी सैनिकों के एक बड़े दस्ते का साहस के साथ सामना किया था। इस संघर्ष में 10 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्हीं की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले सभी पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों को याद करने का अवसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का दिन भी है। उन्होंने शहीद परिवारों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा।


   नक्सलवाद के खिलाफ जवानों ने लिखा शौर्य का इतिहास
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का पुलिस स्मृति दिवस छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखता है। नक्सलवाद के विरुद्ध लंबे संघर्ष में छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों ने कठिन परिस्थितियों में असाधारण साहस का परिचय दिया है। घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जवानों ने अपने जीवन की परवाह किए बिना मोर्चा संभाला और नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षा बलों के साहस से बस्तर में शांति और विश्वास का वातावरण तैयार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा का साया था, वहां अब विकास की रोशनी पहुंच रही है।
सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार दूरस्थ गांवों तक किया जा रहा है। शासन की योजनाओं और सेवाओं की पहुंच बढ़ने के साथ लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था और सरकार के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। नियद नेल्लानार योजना, पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से दूरस्थ और वंचित जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता के बाद अब शांति को स्थायी बनाना और विकास की रफ्तार को और तेज करना सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को समृद्धि और खुशहाली की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जवानों के कल्याण और पुलिस के आधुनिकीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस और सुरक्षा बलों को आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों से सशक्त बनाने, प्रशिक्षण की सुविधाओं को मजबूत करने तथा जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। कानून का शासन, नागरिकों की सुरक्षा और जनता का विश्वास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।


उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी पुलिस स्मृति दिवस पर अमर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और जनसेवा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों का त्याग सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस के छह वीर जवानों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि इन जवानों का बलिदान पूरे प्रदेश के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद को पीछे धकेलने में असाधारण साहस दिखाया है। अब जवान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा कायम करने के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


        84 नक्सली मारे गए, छह जवानों ने दी शहादत
पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की नक्सल विरोधी कार्रवाइयों में 84 नक्सली मारे गए। इसी अवधि में छत्तीसगढ़ पुलिस के छह वीर जवानों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी।
डीजीपी ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय से माओवादी हिंसा की चुनौती से जूझता रहा है। पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सुरक्षा बलों के सामूहिक प्रयास, साहस और बलिदान से सशस्त्र नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने शहीद परिवारों को पुलिस परिवार का अभिन्न हिस्सा बताते हुए कहा कि पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।


       शहीद वाटिका पहुंचकर भी मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजीव स्मृति वन स्थित शहीद वाटिका पहुंचे। उन्होंने अमर जवान स्तंभ पर पुष्प अर्पित कर कर्तव्य पथ पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन किया। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शहीद जवानों के नामों की पट्टिका पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वीर सपूतों का बलिदान छत्तीसगढ़ की स्मृतियों में हमेशा अमर रहेगा। उनका शौर्य और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद सिन्हा सहित पुलिस एवं सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी तथा शहीद जवानों के परिजन उपस्थित रहे।


प्रदीप मिश्रा
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