डाटा एंट्री के नाम पर ₹39 लाख की ठगी! उत्तराखंड से दो आरोपी गिरफ्तार
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दुर्ग छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता अनादि पांडेय
डाटा रिकवरी और पेमेंट रिलीज के नाम पर खाते से रकम निकालने का आरोप, पुलिस ने दो मोबाइल फोन किए जब्त।
दुर्ग ACGN:- घर बैठे डाटा एंट्री का काम और अच्छी कमाई का भरोसा कितना महंगा पड़ सकता है, इसका एक मामला दुर्ग जिले में सामने आया है। ग्रीन रेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डाटा एंट्री का काम दिलाने, खराब डाटा रिकवर करने और पेमेंट रिलीज कराने के नाम पर 39 लाख 33 हजार 560 रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में दुर्ग पुलिस ने उत्तराखंड से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नेहरू नगर, भिलाई निवासी 57 वर्षीय राजेश कुमार चौरसिया ने 2 जुलाई 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में इंडिया मार्ट के माध्यम से मोबाइल नंबर पर संपर्क कर उन्हें नोएडा की ग्रीन रेस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में डाटा एंट्री का काम देने की बात कही गई। इसके बाद कंपनी के साथ एग्रीमेंट कर मेडिकल, स्टील कारोबार, कंस्ट्रक्शन और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट से जुड़े डाटा एंट्री का काम शुरू कराया गया।
प्रार्थी का आरोप है कि काम के दौरान डाटा करप्ट होने की बात कहकर उसे ठीक करने के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर टूल्स खरीदने के नाम पर विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। इस तरह उनके आईडीएफसी बैंक खाते से कुल 39,33,560 रुपये की राशि कथित तौर पर छलपूर्वक प्राप्त कर ली गई। शिकायत के आधार पर थाना सुपेला की चौकी स्मृतिनगर में अपराध क्रमांक 935/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों से जुड़ी तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया। इसके आधार पर पुलिस टीम उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी पहुंची, जहां से राम निवास (42 वर्ष) और राहुल बिष्ट (23 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन जब्त किए। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपियों की भूमिका और अन्य तथ्यों की जांच जारी है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि डाटा एंट्री जॉब, घर बैठे कमाई या ऑनलाइन काम दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति अथवा कंपनी पर भरोसा करने से पहले उसकी वैधता की जांच करें। डाटा रिकवरी, सॉफ्टवेयर खरीदने या पेमेंट रिलीज कराने के नाम पर अनजान लोगों के कहने पर पैसे जमा करने से बचें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल बैंक को सूचना दें और साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
ऑनलाइन रोजगार के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के लिए किसी भी कंपनी के साथ एग्रीमेंट करने से पहले उसकी विश्वसनीयता और भुगतान की शर्तों की जांच जरूरी है। यदि काम शुरू करने के बाद बार-बार अतिरिक्त रकम मांगी जाए, तो बिना सत्यापन भुगतान न करें। समय पर शिकायत और बैंक को सूचना देने से नुकसान को सीमित करने में मदद मिल सकती है।
प्रदीप मिश्रा
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