महानदी की महाआरती में गूंजा आस्था और संरक्षण का संदेश, सीएम साय बोले ‘जल है तो कल है’
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जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- जांजगीर-चांपा
माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्नी कौशल्या देवी साय के साथ की महाआरती, वर्षा जल की हर बूंद सहेजने और नदियों को स्वच्छ रखने का किया आह्वान।
जांजगीर-चांपा ACGN:- माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में महानदी के तट पर आयोजित चित्रोत्पला गंगा महाआरती श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक गौरव के वातावरण में संपन्न हुई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ महाआरती में भाग लिया और महानदी मैया से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और कल्याण की कामना की। दीपों की जगमगाहट, वैदिक मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शिवरीनारायण महोत्सव और शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महानदी छत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी होने के साथ यहां की आस्था, संस्कृति, सभ्यता और जनजीवन की अविरल धारा है। सदियों से यह नदी प्रदेश की कृषि और अर्थव्यवस्था को संबल देती रही है। उन्होंने कहा कि नदियों के प्रति हमारी श्रद्धा तभी सार्थक होगी, जब हम उनके संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छता को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी समझेंगे।

जल संरक्षण बने जनआंदोलन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “जल है तो कल है।” जल के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। प्रकृति से प्राप्त जल अनमोल धरोहर है और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने वर्षा जल की एक-एक बूंद सहेजने और गांवों, शहरों, घरों तथा सार्वजनिक परिसरों में वर्षा जल संचय की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सोकपिट निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, हैंडपंपों के आसपास भूजल पुनर्भरण और परंपरागत जल संरचनाओं के संरक्षण जैसे छोटे-छोटे प्रयास व्यापक बदलाव ला सकते हैं। तालाबों, कुओं और नदियों को स्वच्छ रखना तथा वर्षा जल को धरती के भीतर पहुंचाना भविष्य की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित जल संचय-जनभागीदारी अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि जल संरक्षण को जन-जन का संकल्प बनाने की जरूरत है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे जल का अपव्यय रोकें, जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाएं और जल संरक्षण के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

शिवरीनारायण की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त करने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण भगवान श्रीराम और माता शबरी की भक्ति से जुड़ी पावन भूमि है। यहां के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और विरासत से जोड़ते हैं। राज्य सरकार इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की आध्यात्मिक गरिमा और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर स्थापित करने के लिए प्रयासरत है।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि नदियां हमारी जीवनरेखा हैं और उन्हें स्वच्छ एवं अविरल बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिले के प्रभारी एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने भी शिवरीनारायण की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत करने के प्रयासों की बात कही।

महानदी तट पर आयोजित इस महाआरती में जांजगीर-चांपा की सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, श्री नारायण चंदेल, श्री महंत रामसुंदर दास सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्तिमय वातावरण में संपन्न आयोजन ने आस्था के साथ जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
प्रदीप मिश्रा
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