सरकारी पैसा गया कहां? पुराने पंचायत कार्यों पर शिकंजा, वसूली की तैयारी
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
कटघोरा जनपद में पुराने निर्माण कार्यों पर सख्ती
शासकीय राशि के दुरुपयोग की जांच से बढ़ी हलचल, अधूरे और विवादित कार्यों पर जिम्मेदारी तय करने की तैयारी; धारा 92 के प्रकरण एसडीएम कार्यालय पहुंचे
पुराने निर्माण कार्यों की खुलेगी परत-दर-परत पड़ताल,पूर्व सरपंचों से वसूली के साथ वर्तमान विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी प्रशासन की नजर
कोरबा ACGN:- कोरबा जिले में विकास कार्यों को शत-प्रतिशत पूर्ण कराने और शासकीय राशि के सदुपयोग को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। अधूरे, गुणवत्ताहीन और समय-सीमा से पीछे चल रहे कार्यों पर अब जवाबदेही तय करने की तैयारी है। इसी तारतम्य में कटघोरा जनपद पंचायत क्षेत्र में वर्षों पहले कराए गए पंचायत निर्माण कार्य अब एक बार फिर चर्चा में हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय राशि से कराए गए कुछ कार्यों में जवाबदेही और वसूली से जुड़े प्रकरण सामने आने के बाद धारा 92 के तहत कार्रवाई के लिए प्रकरणों की सूची एसडीएम कार्यालय भेजी गई है। इसके बाद संबंधित पूर्व सरपंचों और अन्य जिम्मेदार पक्षों से नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।
मामला सिर्फ पुरानी फाइलों तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा है। शासकीय पैसों का उपयोग जिस काम के लिए किया गया, वह काम वास्तव में कितना पूरा हुआ, उसकी गुणवत्ता कैसी है और आज उसकी स्थिति क्या है, इन सवालों की पड़ताल अब महत्वपूर्ण हो गई है। यदि जांच में शासकीय राशि के दुरुपयोग, कार्य में अनियमितता, अपूर्ण निर्माण या स्वीकृत प्रावधानों के विपरीत कार्य की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई और वसूली हो सकती है।
इसी बीच शासन की राशि के सदुपयोग और विकास कार्यों में कसावट लाने को लेकर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सक्रिय नजर आ रहे हैं। पुराने प्रकरणों को आगे की कार्रवाई के लिए भेजने के साथ वर्तमान में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा और कार्य की वास्तविक प्रगति पर भी निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को लेकर जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होने की उम्मीद बढ़ी है।
गांव-दर-गांव सामने आए प्रकरण और राशि
1. डोंगरी — वर्ष 2018-19
बाजार शेड एवं चबूतरा निर्माण कार्य — ₹3,80,000
2. मौहाडीह — वर्ष 2019-20
सामुदायिक भवन निर्माण कार्य — ₹2,00,000
3. मौहाडीह — वर्ष 2020-21
बाजार शेड निर्माण कार्य — ₹4,00,000
4. नवापारा — वर्ष 2020-21
धौराभांठा में सार्वजनिक मंच निर्माण कार्य — ₹60,000
5. सलोरा क — वर्ष 2021-22
पूर्व माध्यमिक शाला में प्रार्थना सभा हेतु पेवर ब्लॉक निर्माण — ₹75,000
6. तेलसरा — वर्ष 2021-22
घनाकछार में लक्ष्मण पांव के पास सांस्कृतिक मंच निर्माण — ₹60,000
7. देवगांव — वर्ष 2021-22
माध्यमिक शाला भवन निर्माण कार्य — ₹2,71,250
8. राल — वर्ष 2021-22
प्राथमिक शाला भवन निर्माण कार्य — ₹4,34,000
9. नवापारा — वर्ष 2021-22
धौराभांठा में मुक्तिधाम सह यात्री प्रतीक्षालय निर्माण — ₹1,25,000
10. जवाली — वर्ष 2021-22
माध्यमिक शाला भवन निर्माण कार्य — ₹4,34,000
11. सलोरा क — वर्ष 2022-23
छिर्रा नगर पालिका क्षेत्र कटघोरा में सामुदायिक भवन निर्माण — ₹3,75,000
12. डोंगरी — वर्ष 2022-23
आत्मानंद स्कूल में कंप्यूटर कक्ष, पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला कक्ष निर्माण — ₹19,96,000
अब सवाल फाइल का नहीं, मौके पर खड़ी इमारत का है
सरकारी रिकॉर्ड में काम दर्ज होना अलग बात है और जमीन पर उसका वास्तविक रूप दिखाई देना अलग। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिन कार्यों पर शासकीय राशि खर्च की गई, वे आज किस स्थिति में हैं? क्या सभी कार्य पूरे हुए? क्या निर्माण स्वीकृत मापदंड के अनुसार हुआ? क्या संबंधित भवन और अन्य सुविधाएं वास्तव में जनता के उपयोग में हैं? यदि किसी कार्य में कमी, अधूरापन या अनियमितता सामने आती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
इन सवालों का जवाब स्थल निरीक्षण, तकनीकी जांच और संबंधित अभिलेखों के परीक्षण से ही सामने आएगा। जांच में यदि शासकीय राशि के दुरुपयोग या अनियमित उपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार वसूली सहित अन्य कार्रवाई की जा सकती है।
पुराने मामलों के बाद वर्तमान कार्य भी रडार पर
इन पुराने प्रकरणों के साथ वर्तमान में चल रहे पंचायत विकास कार्यों पर भी प्रशासन की निगाहें रहने की संभावना है। शासकीय राशि का सदुपयोग हो, विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण हों और स्वीकृत कार्य समय-सीमा में पूरे हों, इसे लेकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी की सक्रियता अब महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यदि कोई कार्य अधूरा छोड़ा जाता है, निर्धारित समय-सीमा में पूरा नहीं होता, गुणवत्ता में कमी पाई जाती है या शासकीय राशि के उपयोग में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
सरकारी पैसा जनता का पैसा है। इसलिए सवाल सिर्फ राशि खर्च होने का नहीं, बल्कि उस राशि के बदले जनता को मिले परिणाम का है। कटघोरा जनपद के पुराने मामलों में शुरू हुई यह प्रक्रिया यदि स्थल जांच और दस्तावेजों की निष्पक्ष पड़ताल तक पहुंचती है, तो आने वाले दिनों में कई पुराने मामलों की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।
फिलहाल धारा 92 के तहत भेजे गए प्रकरणों पर एसडीएम कार्यालय की आगामी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। संबंधित पक्षों को नियमानुसार अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा और उपलब्ध अभिलेखों, जांच तथा तथ्यों के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़ इस पूरे मामले में प्रशासनिक कार्रवाई, जांच के परिणाम और संबंधित निर्माण कार्यों की जमीनी हकीकत पर लगातार नजर बनाए रखेगा।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
आपके क्षेत्र में भी कोई महत्वपूर्ण खबर, जनसमस्या या जनहित का मुद्दा हो तो हमें इस नंबर पर भेजें। 7647981711, 9303948009।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
















































