भाजपा नेता रवीन्द्र तिवारी के खिलाफ FIR, कथित आपत्तिजनक टिप्पणी और आदिवासी समाज पर बयान का मामला
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अंबिकापुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अंबिकापुर
अनुपम वस्त्रालय विवाद के बाद पुलिस ने दर्ज किया अपराध, SC-ST एक्ट समेत BNS की धाराएं लगाई गईं; भाजपा नेता धीरज सिंह के खिलाफ भी अलग FIR
अंबिकापुर ACGN:- अनुपम वस्त्रालय प्रकरण से जुड़ा विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। पीड़िता के संबंध में कथित आपत्तिजनक सार्वजनिक टिप्पणी और अनुसूचित जनजाति समुदाय को लेकर कथित अपमानजनक बयान के मामले में भाजपा नेता रवीन्द्र तिवारी के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता सुनीता सोनहा सहित विभिन्न संगठनों की ओर से 15 सितंबर को पुलिस के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने के दौरान रवीन्द्र तिवारी ने पीड़िता के संबंध में शकरगढ़ में किसी दुकानदार के साथ पूर्व में हुई किसी कथित घटना का उल्लेख किया था। शिकायतकर्ताओं ने इस दावे की सत्यता पर सवाल उठाते हुए संबंधित थाना रिकॉर्ड से इसकी पुष्टि कराने की मांग की थी।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इस दौरान अनुसूचित जनजाति समुदाय को लेकर भी कथित तौर पर ऐसी टिप्पणी की गई, जिसे उन्होंने अपमानजनक बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अनुपम वस्त्रालय प्रकरण से जुड़ा है विवाद
यह पूरा मामला अंबिकापुर के स्कूल रोड स्थित अनुपम वस्त्रालय से जुड़े विवाद के बाद सामने आया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार 11 अगस्त 2026 की घटना के संबंध में सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 0563/2026 के तहत BNS की धारा 74 एवं 351(3) में मामला दर्ज किया गया था।
इसके बाद पीड़िता के पक्ष में न्याय की मांग और उसके संबंध में सार्वजनिक रूप से की जा रही कथित बयानबाजी को लेकर सामाजिक संगठनों ने विरोध जताया। सर्व आदिवासी समाज की महिला प्रकोष्ठ की ओर से भी रवीन्द्र तिवारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
संगठन की ओर से आरोप लगाया गया था कि पीड़िता के चरित्र को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए गए और आदिवासी समुदाय के संबंध में भी कथित आपत्तिजनक टिप्पणी की गई।

FIR में SC-ST एक्ट और BNS की धाराएं
FIR क्रमांक 0015/2026 में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 तथा भारतीय न्याय संहिता के तहत विभिन्न धाराएं दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस के अनुसार मामले में SC-ST एक्ट की धारा 3(1)(r), 3(1)(u), 3(1)(w-ii) और 3(2)(va) तथा BNS की धारा 196(1) और 353(2) शामिल हैं।
इन धाराओं के तहत सार्वजनिक रूप से अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के सदस्य का अपमान या अनादर करने, समुदायों के बीच वैमनस्य या घृणा को बढ़ावा देने तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्ति के विरुद्ध निर्धारित अपराध से संबंधित प्रावधानों में कार्रवाई का प्रावधान है।
धीरज सिंह के खिलाफ भी अलग FIR
इसी विवाद से जुड़े घटनाक्रम में भाजपा नेता धीरज सिंह के खिलाफ भी अंबिकापुर पुलिस ने अलग FIR दर्ज की है। कलेक्ट्रेट मैदान के पीछे गेट के पास कथित गाली-गलौज, जातिगत टिप्पणी और धमकी के मामले में FIR क्रमांक 0702/2026 दर्ज किए जाने की जानकारी है।
शिकायतकर्ता आकांक्षा टोप्पो की शिकायत के आधार पर धीरज सिंह के खिलाफ BNS की धारा 296, 351(1), 78(1) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(r-s) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
अब पुलिस जांच में सामने आएंगे तथ्य
रवीन्द्र तिवारी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि कथित बयान किन परिस्थितियों में दिए गए, उनके संबंध में क्या साक्ष्य उपलब्ध हैं और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि किस स्तर तक होती है। इसी तरह धीरज सिंह के खिलाफ दर्ज FIR में भी पुलिस शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
किसी व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज होना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है। आरोपों की वास्तविकता और कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण पुलिस विवेचना तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
फिलहाल दोनों FIR के सामने आने के बाद अंबिकापुर का अनुपम वस्त्रालय प्रकरण एक बार फिर चर्चा में है। अब पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।
प्रदीप मिश्रा
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