सुकमा में बाढ़ का कहर, पीड़ितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री! 300 परिवारों को मिलेगी ₹10-10 हजार की अतिरिक्त मदद
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सुकमा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
राहत शिविर में प्रभावितों से मिले मुख्यमंत्री, खुद भोजन परोसकर बढ़ाया हौसला; मकान और सामान के नुकसान का जल्द आकलन कर आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा देने के निर्देश
सुकमा ACGN:- लगातार बारिश के बाद बाढ़ और जलभराव की मार झेल रहे सुकमा जिले के प्रभावित इलाकों में सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे। उन्होंने शबरीनगर, श्रीनगर और लाइनपारा सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात देखे और सीधे प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी परेशानी जानी। राहत एवं स्वास्थ्य शिविरों में व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है और राहत से लेकर पुनर्वास तक किसी स्तर पर कमी नहीं आने दी जाएगी।

शबरीनगर के राहत एवं स्वास्थ्य शिविर में मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद वे शिविर में रह रहे प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे और स्वयं उन्हें भोजन परोसा। मुख्यमंत्री ने लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें इस मुश्किल समय में हिम्मत बनाए रखने का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री बाढ़ से प्रभावित एक परिवार के घर भी पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बाढ़ के दौरान पैदा हुई परिस्थितियों और घर में हुए नुकसान की जानकारी ली। अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति को समझकर सहायता पहुंचाने में देरी नहीं होनी चाहिए।
गौरतलब है कि 23 और 24 सितंबर को हुई अतिवृष्टि के बाद सुकमा जिले के कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी थी। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के साथ स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। जरूरतमंद परिवारों को तत्काल सहायता, सूखा राशन और गर्म कपड़े उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य जांच, पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन और स्वच्छता संबंधी उपाय भी किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कोंटा क्षेत्र का भी निरीक्षण किया, जहां लगातार बारिश के चलते सबरी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के साथ कोंटा नगर पालिका के चार वार्ड भी जलभराव की चपेट में आए थे। प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए 19 राहत केंद्र बनाए हैं, जहां ठहरने के साथ भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों को देखा और प्रभावित परिवारों से नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को मकानों, घरेलू सामान और अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का प्राथमिकता के आधार पर आकलन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्र प्रभावित परिवारों को आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के अनुसार मिलने वाली क्षतिपूर्ति जल्द उपलब्ध कराई जाए।

300 परिवारों के लिए अतिरिक्त राहत
बाढ़ के कारण घरों में रखा घरेलू सामान खराब होने से प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त आर्थिक सहायता की घोषणा की। मुख्यमंत्री राहत कोष से करीब 300 प्रभावित परिवारों को 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। यह राशि आरबीसी 6-4 के तहत पात्रता के अनुसार मिलने वाली सहायता से अलग होगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों के साथ अब प्रभावित परिवारों को दोबारा सामान्य जीवन में लौटाने की दिशा में भी तेजी से काम किया जाए। उन्होंने क्षति के आकलन और सहायता राशि के वितरण की प्रक्रिया को संवेदनशीलता और तत्परता से पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि कोई पात्र परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के बाद केवल तत्काल राहत देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर भी समान गंभीरता से काम करना जरूरी है। शासन की सहायता समय पर प्रत्येक प्रभावित परिवार तक पहुंचे, यही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदीप मिश्रा
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