सिर्फ आयोजन नहीं, जनभागीदारी बने अभियान की ताकत, मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा, जमीन पर दिखना चाहिए असर
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर
मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से जिलों की समीक्षा की, सेवा सेतु शिविरों में 26 केंद्रीय योजनाओं का लाभ और शिकायतों के समयबद्ध निराकरण पर जोर
रायपुर ACGN:- प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ को केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय व्यापक जनभागीदारी और सामाजिक सहयोग से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव श्री विकासशील ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन से राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अभियान की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि अभियान का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब इसका सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचे और समाज के विभिन्न वर्ग इसमें सक्रिय रूप से भागीदार बनें।
मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को लोगों की मदद करने और समाज में एक-दूसरे के सहयोग की संस्कृति को मजबूत करने के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में आयोजित होने वाली गतिविधियों में अधिक से अधिक नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रभारी मंत्रियों के मार्गदर्शन में ब्लॉक और तहसील स्तर पर आयोजित होने वाले सेवा संकल्प शिविरों में लोगों को सहभागी बनाते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए। इस संबंध में प्रभारी मंत्रियों के साथ आवश्यक बैठक और चर्चा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। शिविरों में केंद्र सरकार की चिन्हित 26 प्रमुख योजनाओं को शामिल करने तथा पात्र हितग्राहियों की जानकारी पहले से अद्यतन रखने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने फसल गिरदावरी सर्वे, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की और इन योजनाओं के कार्यों में गुणवत्ता, विश्वसनीयता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

‘सेवा मेरा योगदान’ में समाज की भागीदारी
मुख्य सचिव ने बताया कि 23 से 25 सितंबर तक सभी जिलों के नगरीय निकाय क्षेत्रों में तथा 2 से 8 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें सेवा एवं स्वच्छता, अन्न एवं वस्त्र दान, विद्या दान एवं शिक्षा सहयोग, कौशल एवं ज्ञान दान, हरित छत्तीसगढ़ एवं पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं रक्तदान, अंगदान एवं देहदान, सामाजिक सुरक्षा एवं जागरूकता तथा स्थानीय उत्पादन एवं महिला सशक्तिकरण जैसी गतिविधियां शामिल होंगी।
उन्होंने इन गतिविधियों में एनसीसी, एनएसएस, स्वयंसेवकों, स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं, युवा संगठनों और ‘मेरा युवा भारत’ सहित विभिन्न सहयोगी संस्थाओं को सक्रिय रूप से जोड़ने के निर्देश दिए। अभियान के तहत आयोजित गतिविधियों की तस्वीरें और विवरण माय भारत पोर्टल पर अपलोड करने को भी कहा गया।
अंगदान और देहदान करने वाले परिवारों के सम्मान पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि जिन परिवारों के मृत परिजनों द्वारा अंगदान या देहदान किया जाता है, उन्हें सम्मानित किया जाए। अंगदान से लाभान्वित लोगों के परिवारों को भी कार्यक्रमों में शामिल कर उनकी प्रतिक्रिया ली जाए, ताकि समाज में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़े।
उन्होंने कहा कि अंगदान एवं देहदान की जागरूकता को केवल अभियान अवधि तक सीमित न रखते हुए समय-समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, जिससे अधिक लोग इस विषय को समझें और आगे आने के लिए प्रेरित हों।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के साथ 10 हजार पौधों का लक्ष्य
‘हरित छत्तीसगढ़’ अभियान के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल को शामिल करते हुए स्थानीय प्रजातियों के 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सचिव ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जल संरक्षण और जलस्रोतों की साफ-सफाई को भी अभियान का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।
दान उत्सव में जरूरतमंदों तक पहुंचे सहायता
मुख्य सचिव ने 23 से 25 सितंबर तक नगरीय निकायों में तथा 2 से 8 अक्टूबर तक प्रदेशभर में सेवा संकल्प एवं दान उत्सव के प्रभावी आयोजन के निर्देश दिए। इस दौरान स्वच्छता, अन्न एवं वस्त्र दान, शिक्षा सहयोग, कौशल एवं ज्ञान दान तथा प्रशिक्षण जैसी गतिविधियां बड़े स्तर पर आयोजित की जाएंगी।
जल संरक्षण, जलस्रोतों की सफाई, पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता गतिविधियां भी होंगी। राज्यव्यापी अभियान के तहत रक्तदान एवं स्वास्थ्य जांच शिविर, महाअन्नदान, गरिमा किट वितरण, बुक ट्री, स्कूल किट और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में सहयोग जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि दान उत्सव का लाभ अनाथालयों, वृद्धाश्रमों और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। सामाजिक संस्थाओं और समितियों को भी इसमें सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। अभियान के समापन पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करने के निर्देश भी दिए गए।
सेवा सेतु शिविरों में कागज नहीं, परिणाम चाहिए
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सेवा सेतु शिविरों में प्राप्त आवेदनों को व्यवस्थित रूप से दर्ज कर उनका परीक्षण और निराकरण समय-सीमा में किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल आवेदन लेने तक सीमित न रहें, बल्कि सक्रिय होकर समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करें।
शिविरों में केंद्र सरकार की चिन्हित 26 प्रमुख योजनाओं को शामिल कर पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के साथ मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी से संबंधित लंबित शिकायतों की भी समीक्षा कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
कलेक्टर जिले के नेतृत्वकर्ता, हर गतिविधि की होगी निगरानी
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों के नेतृत्वकर्ता हैं। इसलिए सभी विभागों के बीच समन्वय बनाते हुए अभियान का प्रभावी नेतृत्व करें और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करें। अभियान की प्रत्येक गतिविधि और उपलब्धि को गूगल शीट में व्यवस्थित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए, ताकि जिलेवार प्रगति की प्रभावी निगरानी की जा सके।
गिरदावरी में गलती की गुंजाइश नहीं
फसल गिरदावरी सर्वे को लेकर मुख्य सचिव ने शुद्धता और विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदारों और पटवारियों के कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा, ताकि सर्वे में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।
जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन की साप्ताहिक समीक्षा
जल जीवन मिशन को प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने सभी जिलों में कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। 15 अक्टूबर तक निर्धारित लक्ष्य के अनुसार नल कनेक्शन देने और उन्हें क्रियाशील करने की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी जिले में नल-जल योजना और जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए उपअभियंताओं की कमी नहीं होनी चाहिए। जहां आवश्यकता हो, वहां दूसरे निर्माण विभागों के उपअभियंताओं की भी ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टरों को जल जीवन मिशन की साप्ताहिक समीक्षा करने के साथ स्वच्छ भारत मिशन के नगरीय एवं ग्रामीण लक्ष्यों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी, सेवा भावना और सामाजिक सहयोग का स्थायी माध्यम बनाया जाए। सभी विभाग और जिला प्रशासन आपसी समन्वय से काम करते हुए अभियान को प्रभावी परिणामों तक पहुंचाएं।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, आयुक्त जनसंपर्क श्री रजत बंसल सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सभी संभागायुक्त, कलेक्टर और विभिन्न विभागों के प्रमुख जिला अधिकारी भी जुड़े रहे।
प्रदीप मिश्रा
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