25 साल की सेवा से जनभागीदारी तक, अब देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पाण्डेय रायपुर
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, रक्तदान से वृक्षारोपण और स्वच्छता से डिजिटल साक्षरता तक 25 सेवा गतिविधियों से जुड़ेंगे नागरिक
रायपुर ACGN:- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस एक महीने के अभियान का उद्देश्य जनसेवा की गतिविधियों को व्यापक रूप देना, नागरिकों को सेवा कार्यों से जोड़ना, केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना तथा विकसित भारत 2047 के संकल्प को जनभागीदारी से आगे बढ़ाना है।
अभियान के तहत देश और प्रदेश में विभिन्न सामाजिक एवं जनसेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य परीक्षण, जल संरक्षण, डिजिटल साक्षरता सहित 25 प्रकार की सेवा गतिविधियों में नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। अभियान के माध्यम से सेवा को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए समाज के विभिन्न वर्गों को इससे जोड़ने की योजना है।
25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास
‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों के अवसर को केंद्र में रखकर आयोजित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य इन वर्षों के दौरान किए गए सेवा एवं विकास कार्यों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ नागरिकों को स्वयं भी जनसेवा के कार्यों में सहभागी बनाना है।
अभियान के तहत नागरिकों से कम से कम 25 मिनट श्रमदान करने की अपील की गई है। श्रमदान की फोटो अथवा वीडियो माई भारत पोर्टल पर अपलोड करने वाले प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी अभियान का हिस्सा बताई गई है।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर 2026 से होगी और इसका समापन 17 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा। 17 सितंबर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन है, जबकि 7 अक्टूबर को उनके सार्वजनिक पद पर 25 वर्ष पूरे होने का उल्लेख अभियान की रूपरेखा में किया गया है।
अभियान के दौरान अलग-अलग चरणों में सेवा, जागरूकता, सांस्कृतिक और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अंतिम चरण में बड़े स्तर पर समापन कार्यक्रम प्रस्तावित है।
‘आशीर्वाद का दीया’ और ‘नमो सेवा गाथा’ से शुरू होंगे विशेष आयोजन
17 सितंबर को विशेष कार्यक्रमों के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ और ‘नमो सेवा गाथा’ जैसे आयोजन प्रस्तावित हैं। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर के संभागीय मुख्यालयों में संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन के समन्वय से कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।
‘नमो सेवा गाथा’ के तहत स्थानीय कलाकारों के माध्यम से नुक्कड़ नाटक, नृत्य-नाटिका और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास से जुड़े विषयों को सरल और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
स्कूल-कॉलेजों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं
17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों एवं कॉलेजों में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें ‘विकसित भारत 2047’ तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा कार्यों से जुड़े विषयों पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित करने की योजना है।
विद्यार्थियों को विकसित भारत की संकल्पना, देश में हो रहे बदलाव और जनभागीदारी के महत्व से जोड़ने के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को भी मंच देने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, प्रदर्शनियां, सेमिनार तथा सरकारी योजनाओं से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
‘सेवा सेतु’ शिविरों में योजनाओं का मिलेगा लाभ
अभियान के दौरान विकासखंड स्तर पर ‘सेवा सेतु’ नाम से बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देने और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने में सहायता करने का प्रयास किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य शासन की योजनाओं और आम नागरिकों के बीच की दूरी कम करना तथा पात्र लोगों को उनके अधिकार और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराना है।
‘आंगन का उत्सव’ में पोषण और महिला-बाल कल्याण पर जोर
25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी हितग्राहियों तक पहुंचाई जाएगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को भी इस दौरान प्रमुखता से सामने लाया जाएगा तथा उनके योगदान और सेवाभाव को सम्मानित करने की पहल की जाएगी। महिलाओं, बच्चों और परिवारों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता से जोड़ना भी इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य होगा।
‘कहानी बदलाव की’ बताएगी योजनाओं के असर की कहानी
अभियान के दौरान ‘कहानी बदलाव की’ पहल के तहत शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियों को सामने लाने की योजना है। इन कहानियों के माध्यम से यह बताया जाएगा कि सरकारी योजनाओं ने किस प्रकार लोगों के जीवन में बदलाव लाने में भूमिका निभाई।
ऐसे अनुभव अन्य पात्र नागरिकों को भी योजनाओं की जानकारी लेने, उनका लाभ उठाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
गांव-गांव पहुंचेगी ‘नमो सेवा’ की कहानी
‘नमो सेवा’ के तहत नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा एवं विकास से जुड़े विषयों को आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा। गांवों, स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर स्थानीय कलाकारों के माध्यम से प्रस्तुतियां आयोजित करने की योजना है।
इन प्रस्तुतियों में पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यों, प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और देश में आए बदलावों की कहानी को सरल, भावनात्मक और संगीतपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया जाएगा।
25 मिनट का श्रमदान बनेगा जनभागीदारी का संदेश
अभियान में नागरिकों को यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि देश और समाज के निर्माण में केवल सरकार की भूमिका पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता भी जरूरी है। इसी भावना के साथ नागरिकों से कम से कम 25 मिनट श्रमदान करने का आह्वान किया गया है।
स्वच्छता, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और अन्य सामाजिक गतिविधियों में श्रमदान के माध्यम से नागरिकों को सीधे सेवा कार्यों से जोड़ने की पहल की जाएगी।
50 बदलाव वाले स्थानों को देखने की योजना
‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के तहत देश में करीब 50 ऐसे स्थानों का चयन किए जाने की योजना है, जिन्हें आयोजक मोदी सरकार के कार्यकाल में हुए बदलावों के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हैं। इनमें गुजरात की GIFT City और बस्तर जैसे स्थानों को शामिल किए जाने की बात कही गई है।
सोशल मीडिया क्रिएटर्स को भी इन स्थानों का दौरा कराने की योजना बताई गई है, ताकि विकास और बदलाव से जुड़े अनुभवों को डिजिटल माध्यम से व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जा सके।
1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के साथ होगा समापन
17 अक्टूबर को अभियान के अंतिम दिन ‘जनसेवक महाकुंभ’ के रूप में बड़े समापन कार्यक्रम की योजना है। इसमें पंचायत से लेकर संसद तक के करीब 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के शामिल होने का प्रस्ताव है।
इस दौरान सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ की सभी छह कड़ियां गाने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित किया गया है। अभियान के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी और विकसित भारत के संकल्प को व्यापक सामाजिक आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा।
कुल मिलाकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों के अवसर से जोड़ते हुए सेवा कार्यों, सरकारी योजनाओं की जानकारी और नागरिक सहभागिता को एक मंच पर लाने की पहल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। अब इसकी वास्तविक सफलता इस बात से तय होगी कि अभियान के दौरान आयोजित गतिविधियां कितनी व्यापक होती हैं और उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचता है।
प्रदीप मिश्रा
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