जल संरक्षण और हर घर नल पर सरकार सख्त, हर बूंद की होगी हिफाजत, हर घर पहुंचेगा नल का पानी – CM साय
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय रायपुर
मार्च 2028 तक जल संरचनाओं को पूरा करने के निर्देश, जल जीवन मिशन की कलेक्टरों को नियमित समीक्षा और लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
रायपुर ACGN:- जल संरक्षण को आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश में जल की एक-एक बूंद का संरक्षण और प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जल संचय जन भागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन के कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने जल संचय जन भागीदारी अभियान की जिलेवार प्रगति और जल जीवन मिशन के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।
मार्च 2028 तक पूरी हों जल संरचनाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के साथ भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में भी काम किया जाए। सभी जल संरचनाओं को मार्च 2028 तक पूर्ण करने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने को कहा।

जनभागीदारी से बनेगा जल संरक्षण का अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे व्यापक जनभागीदारी का अभियान बनाया जाना जरूरी है। वर्ष 2025-26 में अनेक जिलों ने जल संचय जन भागीदारी अभियान में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने सभी जिलों को अपने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर बेहतर परिणाम देने के लिए प्रयास करने को कहा।
प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिलेवार प्रगति की जानकारी लेते हुए मुख्यमंत्री ने कोरिया, धमतरी और राजनांदगांव सहित बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन जिलों की सफल कार्यप्रणाली और अनुभवों का लाभ अन्य जिलों को भी मिलना चाहिए।
हर जिले में होगी सतत निगरानी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत सभी जिलों के नोटिफाइड नक्शे तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि अभियान की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा होगी और प्रत्येक जिले में जल संरक्षण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा किया जाना चाहिए।
हर घर तक नल से पहुंचेगा स्वच्छ पानी
बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। प्रदेश के प्रत्येक घर को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है।
उन्होंने कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में जल जीवन मिशन की नियमित समीक्षा करने और प्रशासनिक, तकनीकी अथवा क्रियान्वयन संबंधी बाधाओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल पाइपलाइन या अन्य अधोसंरचना का निर्माण ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि योजना का वास्तविक लाभ परिवारों तक पहुंचे और लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पानी मिले।
पूरे काम का भुगतान समय पर हो
मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण हो चुके कार्यों का भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए।
उन्होंने जिला स्तर पर मिशन की नियमित समीक्षा करते हुए सामने आने वाली कमियों और समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय से शेष कार्यों को गति देने को कहा।
जल सुरक्षा बने हर जिले की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी कलेक्टरों को जल संरक्षण और हर घर तक नल से पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों और जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना बनाने तथा जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संचय जन भागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन से वर्तमान पीढ़ी को बेहतर पेयजल सुविधा मिलने के साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव तैयार होगी।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है। इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ जनता की भागीदारी को मजबूत करना होगा, ताकि जल स्रोत सुरक्षित रहें, उनका संरक्षण हो और प्रत्येक परिवार को पर्याप्त एवं स्वच्छ पेयजल सहज रूप से उपलब्ध हो।
बैठक में मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री आर. एस. टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री अब्दुल कैसर हक, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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