22 साल सेवा के बाद बालको के सैकड़ों एलटीएस श्रमिकों पर रोजगार का संकट!
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
गेट पास बंद, दूसरी इकाइयों में भेजने की कवायद से बढ़ी चिंता; पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने श्रमिकों की समस्या श्रम विभाग तक पहुंचाई
कोरबा ACGN:- बालको के प्लांट क्रमांक-2 (540 मेगावाट) में वर्ष 2004 से विभिन्न ठेका एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत सैकड़ों संविदा यानी एलटीएस श्रमिकों के सामने इन दिनों रोजगार और आय को लेकर गंभीर संकट खड़ा होने की बात सामने आई है। करीब 22 वर्षों से बालको में सेवाएं दे रहे इन श्रमिकों ने अपनी समस्याओं को लेकर पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयसिंह अग्रवाल से मुलाकात कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

22 वर्षों की सेवा के बाद अचानक अनिश्चितता!
श्रमिकों का कहना है कि वे वर्ष 2004 से प्लांट क्रमांक-2 में लगातार काम करते आ रहे हैं और इसी रोजगार से अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं। श्रमिकों के अनुसार वर्तमान में प्रबंधन की ओर से मौखिक रूप से यह कहा जा रहा है कि प्लांट में अब इतनी संख्या में संविदा श्रमिकों की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, श्रमिकों का दावा है कि इस संबंध में उन्हें अब तक कोई लिखित सूचना अथवा आदेश नहीं दिया गया है।

गेट पास बंद होने से पुराने कार्यस्थल पर प्रवेश मुश्किल
श्रमिकों के अनुसार कुछ कर्मचारियों को बालको की अन्य इकाइयों में भेजा जा रहा है। उनका कहना है कि कई मामलों में न तो विधिवत स्थानांतरण आदेश दिया गया और न ही नई इकाई में कार्यग्रहण संबंधी कोई स्पष्ट आदेश मिला है। वहीं, कुछ श्रमिकों के गेट पास बंद किए जाने की बात भी कही जा रही है, जिसके चलते उन्हें अपने पुराने कार्यस्थल में प्रवेश करने में परेशानी हो रही है।
दूसरी इकाई में जाने पर आधी हो सकती है आय!
श्रमिकों की सबसे बड़ी चिंता उनके परिवार की आय और आर्थिक भविष्य को लेकर है। श्रमिकों ने बताया कि वर्तमान में बड़ी संख्या में कर्मचारी कोयला रैक की अनलोडिंग जैसे कार्यों में लगे हैं, जहां उन्हें प्रति रैक कार्य के आधार पर भुगतान मिलता है। इसके चलते उनकी मौजूदा आय अपेक्षाकृत बेहतर है।
श्रमिकों का कहना है कि यदि उन्हें दूसरी इकाइयों में भेजा गया तो वहां निश्चित दैनिक मजदूरी के आधार पर काम करना पड़ सकता है। इससे उनकी आय लगभग आधी रह जाने की आशंका है। उनका कहना है कि दो दशक से अधिक समय से इसी आय के आधार पर परिवार चलाने के बाद अचानक आमदनी में बड़ी गिरावट उनके लिए गंभीर आर्थिक संकट पैदा कर सकती है।

वापस प्लांट क्रमांक-2 में काम देने की मांग
प्रभावित श्रमिकों ने मांग की है कि जिन कर्मचारियों को पहले ही अन्य इकाइयों में भेजा जा चुका है, उन्हें भी वापस प्लांट क्रमांक-2 में लाकर पूर्ववत कार्य करने का अवसर दिया जाए। श्रमिकों का कहना है कि वर्षों की सेवा के बाद उनके रोजगार और आर्थिक हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
जयसिंह अग्रवाल ने श्रम विभाग के अधिकारी से की चर्चा
पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि वर्षों से बालको में सेवाएं दे रहे श्रमिकों के साथ किसी भी स्थिति में अन्याय नहीं होना चाहिए। रोजगार से जुड़े फैसले पारदर्शी, न्यायसंगत और श्रमिक हितों को ध्यान में रखकर लिए जाने चाहिए।
श्री अग्रवाल ने प्रभारी सहायक श्रम आयुक्त नीतेश विश्वकर्मा को श्रमिकों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बालको प्रबंधन की कथित श्रमिक विरोधी कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए श्रमिकों को उनके मूल कार्यस्थल पर ही कार्यरत रखने तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न करने की स्पष्ट हिदायत देने की बात कही।
प्रभारी सहायक श्रम आयुक्त नीतेश विश्वकर्मा ने आश्वस्त किया कि श्रमिकों की समस्या को लेकर बालको प्रबंधन के समक्ष उचित स्तर पर चर्चा की जाएगी और उनके हितों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।

श्रमिकों के सामने सिर्फ नौकरी नहीं, परिवार का भविष्य
श्रमिकों का कहना है कि करीब 22 वर्षों की सेवा के बाद रोजगार को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता केवल उनकी नौकरी का सवाल नहीं है, बल्कि उनके पूरे परिवारों के भविष्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस संकट की घड़ी में उनकी समस्याओं का समाधान होगा और वर्षों से चले आ रहे रोजगार को सुरक्षित रखने की दिशा में सकारात्मक पहल की जाएगी।
प्रदीप मिश्रा
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