ग्रामीण एकजुट हुए तो टली मानिकपुर खदान की जनसुनवाई
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
500 से अधिक ग्रामीणों के विरोध के बाद 21 अगस्त की पर्यावरणीय जनसुनवाई स्थगित, अब मुआवजा-पुनर्वास और रोजगार की मांगों के समाधान पर नजर
कोरबा ACGN:- मानिकपुर खुली खदान परियोजना के प्रस्तावित विस्तार को लेकर प्रभावित आठ गांवों के ग्रामीणों की एकजुटता और विरोध का असर सामने आया है। 21 अगस्त को प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई को एसईसीएल प्रबंधन ने स्थगित कर दिया है। भिलाईखुर्द क्रमांक-1 में आयोजित बैठक में 500 से अधिक ग्रामीणों ने एकजुट होकर स्पष्ट किया था कि जब तक उनकी लंबित मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक वे जनसुनवाई का पुरजोर लोकतांत्रिक विरोध करेंगे। इसके बाद जनसुनवाई स्थगित होने से प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल राहत मिली है, लेकिन अब उनकी नजर इस बात पर है कि प्रबंधन उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं के निराकरण के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

ग्रामीणों ने मानिकपुर खदान विस्तार से प्रभावित परिवारों के मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार, छूटे हुए मकानों और परिवारों को पात्रता में शामिल करने सहित अन्य लंबित अधिकारों का मुद्दा उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। ऐसे में पहले जायज मांगों का निराकरण होना चाहिए और उसके बाद ही खदान विस्तार से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका विरोध विकास या खनन परियोजना के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के उचित अधिकार, न्यायपूर्ण पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन की मांग को लेकर है।
ग्रामीणों की बैठक में कोरबा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भी समर्थन जताया। पूर्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रभावित ग्रामीणों की समस्याएं नई नहीं हैं। उनके द्वारा पूर्व में भी एसईसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक और स्थानीय प्रबंधन को पत्र लिखकर मांग की गई थी कि जनसुनवाई से पहले ग्रामीणों की जायज मांगों और लंबित समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर उन परिवारों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती, जिनकी जमीन, मकान और आजीविका खनन परियोजना से प्रभावित हो रही है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि वे हमेशा प्रभावित ग्रामीणों के साथ खड़े हैं और उनकी जायज मांगों की लड़ाई में हर संभव सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि एसईसीएल प्रबंधन ग्रामीणों की मांगों का न्यायपूर्ण समाधान करता है तो वे स्वयं जनसुनवाई का समर्थन करेंगे, लेकिन मांगों की अनदेखी कर प्रक्रिया आगे बढ़ाने का प्रयास हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा।
अब जनसुनवाई स्थगित होने के बाद श्री अग्रवाल ने इसे ग्रामीणों के लिए तत्काल राहत बताते हुए कहा कि केवल जनसुनवाई टल जाना समस्या का अंतिम समाधान नहीं है। उनके अनुसार यह एसईसीएल प्रबंधन के लिए लंबित समस्याओं को सुलझाने का अवसर है। उन्होंने प्रबंधन से प्रभावित गांवों के प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद कर प्रत्येक मांग पर गंभीरता से चर्चा करने और समयबद्ध तरीके से निराकरण करने की अपेक्षा जताई है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात प्रबंधन तक पहुंचा दी है। जनसुनवाई का स्थगित होना इस बात का संकेत है कि प्रभावित लोगों की मांगों को नजरअंदाज कर परियोजना विस्तार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अब प्रबंधन को मिले समय का इस्तेमाल केवल अगली तारीख तय करने के बजाय वर्षों से लंबित मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार और पात्रता से जुड़े मामलों के समाधान में किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि खनन परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों को कानून और न्याय के अनुरूप उचित मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार और अन्य अधिकार मिलना जरूरी है। यदि एसईसीएल प्रबंधन सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ ग्रामीणों के बीच विश्वास का वातावरण बनाकर संवाद शुरू करता है तो समाधान का रास्ता निकाला जा सकता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रभावित ग्रामीणों में उम्मीद जगी है कि जनसुनवाई स्थगित होने से मिले समय का उपयोग उनकी समस्याओं को और लंबा खींचने के लिए नहीं, बल्कि उनके अधिकारों के वास्तविक और न्यायपूर्ण समाधान के लिए किया जाएगा। ग्रामीणों का स्पष्ट संदेश है कि सिर्फ जनसुनवाई स्थगित करना पर्याप्त नहीं, पहले प्रभावित परिवारों के अधिकारों का समाधान जरूरी है।
बैठक में कांग्रेस जिला अध्यक्ष शहर मुकेश कुमार राठौर, प्रदेश कांग्रेस सचिव विकास सिंह, युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज, ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी, पालूराम साहू, बसंत चन्द्रा, सुरती कुलदीप, भू-विस्थापित संघ के संरक्षक अमन पटेल, सुरेश पटेल, समय लाल, जीतेन्द्र राव धाकड़े, किशन यादव, मोतीराम यादव, अरुण यादव, दिलीप उरांव, शिवलाल उरांव, राममेलाल धीवर, कलीराम, जीतराम उरांव, राजकुमार उरांव, मनोज पटेल, आलोक पटेल, उदय पटेल, साधराम पटेल, शिव प्रसाद पटेल, धनसिंह पटेल, रामकुमार पटेल, शिव पटेल, रामचरण पटेल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष, निर्भीक और सच्ची खबर, हर खबर पर तिरछी नजर और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़।
अपने क्षेत्र के छोटे-बड़े समाचार, घटना, दुर्घटना, भ्रष्टाचार एवं अपनी संस्था के विज्ञापन प्रसारण हेतु संपर्क करें: 7647981711, 9303948009।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
















































