स्कूल से बाजार तक साइबर जागरूकता की दस्तक, कोरबा पुलिस ने चलाया व्यापक अभियान
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कोरबा, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहे साइबर जागृति अभियान में थाना-चौकी स्तर पर लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए जा रहे उपाय

कोरबा ACGN:- साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच कोरबा पुलिस ने जिले में साइबर जागृति अभियान के तहत व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत कोरबा जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस की टीमें स्कूल, महाविद्यालय, गांव, बाजार, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचकर विद्यार्थियों और आम नागरिकों को साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं।
पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल साइबर अपराध की जानकारी देना नहीं, बल्कि आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी के बदलते तरीकों के प्रति सजग बनाना और समय रहते सावधानी बरतने के लिए तैयार करना है।

अभियान के तहत थाना कोतवाली क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इमलीडुग्गू, थाना सिविल लाइन रामपुर क्षेत्र के निहारिका, थाना दर्री क्षेत्र के सीपेट महाविद्यालय स्याहीमुड़ी, चौकी सीएसईबी क्षेत्र के सरस्वती शिशु मंदिर बुधवारी, चौकी राजगामार क्षेत्र, थाना श्यांग के ग्राम बरपाली, थाना हरदीबाजार के ग्राम चोड़हा तथा थाना दीपका क्षेत्र के केसीसी कैंप दीपका में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इन कार्यक्रमों में पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों, ग्रामीणों, युवाओं और आम नागरिकों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें बताया कि साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए तरीके अपना रहे हैं।

फर्जी बैंक अधिकारी बनकर फोन करना, झूठे संदेश भेजकर लिंक खुलवाना, खाते की जानकारी मांगना, क्यूआर कोड के नाम पर धोखा देना, फर्जी नौकरी और निवेश का लालच देना तथा सामाजिक माध्यमों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाना जैसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

पुलिस ने नागरिकों को स्पष्ट रूप से समझाया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी, बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या अन्य व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध क्यूआर कोड को स्कैन करने अथवा किसी अज्ञात मोबाइल अनुप्रयोग को डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए।

जागरूकता कार्यक्रमों में ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी ठगी, यूपीआई ठगी, डिजिटल गिरफ्तारी, फिशिंग, सामाजिक माध्यमों से होने वाली ठगी, नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी और बैंकिंग ठगी जैसे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी उपाय सावधानी और जागरूकता है।

पोस्टर, बैनर और क्यूआर कोड से भी पहुंच रहा सुरक्षा संदेश
साइबर जागृति अभियान को व्यापक बनाने के लिए थाना एवं चौकी क्षेत्रों के प्रमुख स्थानों पर पोस्टर और बैनर लगाए जा रहे हैं। क्यूआर कोड के माध्यम से भी नागरिकों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि अभियान का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

पुलिस द्वारा यह भी समझाइश दी जा रही है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो उसे घबराने या चुप बैठने के बजाय तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को आगे जाने से रोकने के लिए कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है।

‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ से जुड़ रहे युवा
अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ पहल भी चलाई जा रही है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा का संदेश आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी न रहकर प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी बने।
कोरबा पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे स्वयं साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। किसी भी संदिग्ध फोन, संदेश, लिंक, क्यूआर कोड या ऑनलाइन प्रस्ताव पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। विशेषकर ऑनलाइन लेन-देन के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें।

कोरबा पुलिस का यह अभियान इस संदेश के साथ आगे बढ़ रहा है कि साइबर अपराध के खिलाफ सबसे पहली सुरक्षा जागरूकता है। जितना अधिक नागरिक सतर्क होंगे, साइबर अपराधियों के लिए लोगों को ठगी का शिकार बनाना उतना ही कठिन होगा।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
कोरबा पुलिस “सजग कोरबा, सतर्क कोरबा”

प्रदीप मिश्रा
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