साइबर ठगी से बचने जागरूक हुआ रायपुर ग्रामीण, 300 नागरिकों ने लिया सतर्कता का संकल्प
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रायपुर, छत्तीसगढ़
By ACGN – 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- अनादि पांडेय
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलेगा सात सप्ताह का साइबर जागृति अभियान, मंदिर हसौद क्षेत्र में पुलिस ने लोगों को बताए बचाव के उपाय
रायपुर ACGN:- साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आम नागरिकों को जागरूक और सुरक्षित करने के उद्देश्य से 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक सात सप्ताह का प्रदेशव्यापी ‘साइबर जागृति अभियान’ शुरू किया गया है। अभियान के तहत नागरिकों को साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों, उनसे बचने के उपायों और ठगी होने की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी जा रही है।

इसी क्रम में 15 अगस्त को पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्रीमती श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देशन में रायपुर पुलिस ग्रामीण की टीम ने मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के सेंध लेक के पास साइबर जागृति अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया और पुलिस टीम से साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

पुलिस टीम ने नागरिकों को समझाया कि डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधी भी ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। थोड़ी-सी असावधानी से लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा सकते हैं। इसलिए अनजान फोन, संदेश, लिंक या ऑनलाइन प्रस्तावों पर तुरंत भरोसा करने के बजाय पूरी सावधानी बरतना जरूरी है।

जागरूकता कार्यक्रम में विशेष रूप से ऑनलाइन ठगी, फर्जी ग्राहक सेवा केंद्र, पुलिस अधिकारी बनकर ठगी, डिजिटल गिरफ्तारी, केवाईसी अद्यतन के नाम पर ठगी, फर्जी लिंक और क्यूआर कोड, सामाजिक माध्यमों के जरिए ठगी, ओटीपी ठगी, बैंकिंग धोखाधड़ी तथा निवेश के नाम पर होने वाले साइबर अपराधों के बारे में नागरिकों को जानकारी दी गई।

पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल संबंधित बैंक और पुलिस को सूचना देना चाहिए। इसके साथ ही साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। समय रहते शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने और आगे की कार्रवाई में मदद मिल सकती है।

अभियान को अधिक प्रभावी और जनभागीदारी वाला बनाने के लिए कार्यक्रम स्थल पर साइबर जागरूकता संबंधी स्टैंडी और सेल्फी फ्रेम भी लगाए गए। नागरिकों को सेल्फी फ्रेम में दिए गए लिंक या क्यूआर कोड को स्कैन कर साइबर जागरूकता संदेश के साथ अपनी तस्वीर सामाजिक माध्यमों पर साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और आम नागरिकों को अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ना है।

कार्यक्रम में करीब 300 नागरिकों ने सहभागिता की। उपस्थित लोगों ने साइबर अपराध से बचाव संबंधी जानकारी को उपयोगी बताते हुए स्वयं सतर्क रहने और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

रायपुर पुलिस ग्रामीण ने नागरिकों से अपील की है कि वे डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि को नजरअंदाज न करें। अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें तथा साइबर ठगी की स्थिति में बिना देरी किए बैंक, पुलिस और 1930 साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें।
साइबर अपराध के दौर में जागरूकता ही सबसे मजबूत सुरक्षा है। रायपुर ग्रामीण पुलिस का यह अभियान लोगों को केवल ठगी से बचने की जानकारी नहीं दे रहा, बल्कि उन्हें अपने आसपास के लोगों को भी सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी का एहसास करा रहा है।

प्रदीप मिश्रा
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