श्रद्धावली पहुंचे महाप्रभु, आज होगा आड़प मंडप बीजे अनुष्ठान
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पुरी, ओडिशा
By ACGN 7647981711, 9303948009
संवाददाता :- स्वामी बिजयानंद जी महाराज (ओडिशा ब्यूरो)
रथयात्रा का प्रथम चरण हुआ संपन्न, लाखों श्रद्धालुओं की जयघोष से गूंजा श्रीक्षेत्र, आज गुंडिचा मंदिर में विराजेंगे महाप्रभु
पुरी ACGN:- विश्व प्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ रथयात्रा के दूसरे दिन शुक्रवार को लाखों श्रद्धालुओं की अपार आस्था और उत्साह के बीच भगवान श्री बलभद्र, भगवान सुदर्शन, माता सुभद्रा और महाप्रभु श्रीजगन्नाथ के तीनों रथ सफलतापूर्वक श्री गुंडिचा मंदिर के समक्ष श्रद्धावली पहुंच गए। इसके साथ ही श्री गुंडिचा धाम की ओर भगवान की पावन यात्रा का प्रथम एवं सबसे महत्वपूर्ण चरण पूर्ण हो गया।

गुरुवार को प्रारंभ हुई रथयात्रा निर्धारित समय समाप्त होने के कारण सूर्यास्त के बाद बीच मार्ग में रोकनी पड़ी थी। रातभर तीनों रथों को बड़दांड के विभिन्न स्थानों पर सुरक्षित रखा गया।

शुक्रवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे रथों को पुनः खींचने की प्रक्रिया शुरू हुई। लाखों श्रद्धालुओं तथा पुलिस बल के संयुक्त प्रयास से पारंपरिक रस्सियों के सहारे तीनों रथों को जयघोष के बीच श्री गुंडिचा मंदिर तक पहुंचाया गया।

जैसे ही तीनों रथ श्री गुंडिचा मंदिर के समक्ष पहुंचे, पूरा श्रीक्षेत्र “जय जगन्नाथ” के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इस दिव्य क्षण के दर्शन कर स्वयं को धन्य माना। कई भक्तों ने बताया कि वे गुरुवार से ही इस पल की प्रतीक्षा कर रहे थे। पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि रथ खींचने का अवसर उनके जीवन का अमूल्य आध्यात्मिक अनुभव बन गया।

शनिवार को सेवायतों द्वारा भगवान श्री बलभद्र, भगवान सुदर्शन, माता सुभद्रा और भगवान श्रीजगन्नाथ का आड़प मंडप बीजे अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा। इस अनुष्ठान के बाद चारों विग्रह श्री गुंडिचा मंदिर के आड़प मंडप में विराजमान होंगे, जहां श्रद्धालु नवमी तक उनके दिव्य दर्शन कर सकेंगे।

इस वर्ष भी तीनों विशाल रथों में उन्नत जलरोधी ब्रेकिंग प्रणाली का उपयोग किया गया है, जिससे वर्षा के बीच भी रथों का संचालन सुरक्षित और सुचारु रूप से संभव हो सका। लगभग 40 टन वजनी इन रथों को नियंत्रित करने में यह प्रणाली अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुई है।

यह अभिनव ब्रेकिंग तंत्र सेवानिवृत्त अभियंता अश्विनी कुमार मिश्रा द्वारा विकसित किया गया है, जिसमें साल की लकड़ी, विशेष रबर स्ट्रैप और चेन पुली प्रणाली का उपयोग किया गया है।

प्रशासन ने इस तकनीक को रथयात्रा की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। हालांकि इस वर्ष अत्यधिक भीड़ के कारण दो श्रद्धालुओं की मृत्यु होने की भी सूचना है। अब सभी श्रद्धालुओं की निगाहें शनिवार को होने वाले आड़प मंडप बीजे अनुष्ठान पर टिकी हैं, जिसके साथ महाप्रभु श्री गुंडिचा मंदिर में अपने प्रवास की शुरुआत करेंगे।
प्रदीप मिश्रा
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