भटके कदमों को नई दिशा सुकमा में पुनर्वास से विकास की नई कहानी
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सुकमा, छत्तीसगढ़
By ACGN 7647981711, 9303948009
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुनर्वास केंद्र का किया अवलोकन, पुनर्वासितों से संवाद कर बांटे मोबाइल, आवास की चाबी और नियुक्ति पत्र
सुकमा: नक्सल आतंक से लंबे समय तक प्रभावित रहे सुकमा जिले में अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिला मुख्यालय स्थित पुनर्वास केंद्र का दौरा कर वहां संचालित पुनर्वास और कौशल विकास गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वासित युवाओं और परिवारों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके अनुभव जाने और मुख्यधारा से जुड़कर नया जीवन शुरू करने के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार भटके हुए लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन, रोजगार और आगे बढ़ने के समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पुनर्वासित लोगों की आंखों में दिख रहा आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो हर भटका हुआ कदम नई दिशा और नया जीवन प्राप्त कर सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्रभावी नक्सल पुनर्वास नीति के चलते सुकमा सहित बस्तर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अब तक 2392 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है, जिनमें से 361 पुनर्वासितों ने आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में नया अध्याय शुरू किया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है बल्कि इन लोगों को सम्मानजनक जीवन, स्थायी रोजगार और समाज में बराबरी का अवसर देना है।

पुनर्वास केंद्र में राजमिस्त्री, कपड़ा सिलाई, कृषि उद्यमिता और वाहन चालक जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्ष 2026 में अब तक 307 हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है जबकि मुख्यधारा में लौटे 313 युवाओं को प्रतिमाह 10 हजार रुपये का स्टाइपेंड दिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा 107 पुनर्वासित हितग्राहियों को मोबाइल फोन वितरित किए गए हैं ताकि वे डिजिटल और संचार माध्यमों से जुड़कर आधुनिक जीवनशैली की ओर आगे बढ़ सकें। विशेष रूप से 115 महिलाएं प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के आश्रितों को राहत देने के लिए अनुकंपा नियुक्ति के तहत पुलिस विभाग में 20 तथा जिला प्रशासन द्वारा 95 लोगों को शासकीय सेवा में रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं। कार्यक्रम के दौरान ग्राम ढोंडरा कोंटा निवासी मौसम संजना और नागारास जगरगुंडा निवासी भरत कुमार हेमला सहित अन्य हितग्राहियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा शिक्षा विभाग के अंतर्गत 10 नव नियुक्त शिक्षकों को भी नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुनर्वासित हितग्राहियों को मोबाइल फोन, राजमिस्त्री किट और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबियां और पूर्णता प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर 25 हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपकर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री ने नक्सल पुनर्वास की सफलता की प्रेरणादायक कहानियों को दर्शाती ‘बदलते सुकमा की बदलती तस्वीर पुनर्वास से विकास तक’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने पुनर्वास केंद्र के कला केंद्र में कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि यह परिवर्तन केवल भौतिक विकास का नहीं बल्कि सामाजिक और मानसिक बदलाव का भी प्रतीक है।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, बस्तर सांसद महेश कश्यप सहित अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदीप मिश्रा
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