नमस्कार 🙏 हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे +91 7647981711 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए आगे आएँ नागरिक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय – Anjor Chhattisgarh News

Anjor Chhattisgarh News

सच की तह तक

पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए आगे आएँ नागरिक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

रायपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009


प्राचीन ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखने के लिए जनभागीदारी को बताया आवश्यक, राज्य में पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को मिली नई गति

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण के लिए सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पांडुलिपियाँ हमारी सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान के वैभव का जीवंत प्रमाण हैं और इन्हें सुरक्षित रखकर आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान इस दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल है। इस अभियान के माध्यम से देशभर में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर उन्हें सुरक्षित और संरक्षित करने के साथ-साथ डिजिटल माध्यम से सुलभ बनाने का कार्य किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी इस ज्ञान परंपरा से जुड़ सकें।
उन्होंने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी के पास प्राचीन पांडुलिपि, हस्तलिखित ग्रंथ या ताड़पत्र सुरक्षित हैं तो वे ज्ञानभारतम मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से उनका विवरण दर्ज कर इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों का यह छोटा सा प्रयास हमारी सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिलेगी और यह धरोहर सुरक्षित रूप से आने वाली पीढ़ियों तक पहुँच सकेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपनी सांस्कृतिक जड़ों को सहेजते हुए इस अभियान में सहभागी बनने और ज्ञान की इस अमूल्य विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
उल्लेखनीय है कि इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत मार्च 2026 से की गई है और इसमें छत्तीसगढ़ की भी सक्रिय सहभागिता है। राज्य के 33 जिलों में से 26 जिलों में जिला स्तरीय समितियों का गठन कर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि शेष जिलों में यह प्रक्रिया जारी है। जिलों में समितियों की बैठक आयोजित कर पांडुलिपि संग्रह करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान की जा रही है तथा ग्राम और क्षेत्र स्तर पर सर्वेक्षकों की नियुक्ति की जा रही है।
संस्कृति विभाग द्वारा प्रशिक्षकों को क्षेत्रीय संयोजकों के सहयोग से जिला स्तर पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। भारत सरकार से छत्तीसगढ़ में प्रारंभिक रूप से 148 पांडुलिपियों की जानकारी प्राप्त हुई थी, जबकि वर्तमान में राज्य के छह जिलों में पांडुलिपि सर्वेक्षण का कार्य आरंभ हो चुका है और अब तक 4191 पांडुलिपियों का सर्वेक्षण ज्ञानभारतम अनुप्रयोग के माध्यम से किया जा चुका है।

प्रदीप मिश्रा
निष्पक्ष निर्भीक और सच्ची खबरों और जनहित के प्रति समर्पित पत्रकारिता के साथ देश में तेजी से बढ़ता विश्वसनीय वेब पोर्टल
अंजोर छत्तीसगढ़ न्यूज़

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now