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पंद्रह वर्षों से प्यासा आंगनबाड़ी केंद्र: मासूम बच्चों और माताओं को नहीं मिल रहा पीने का पानी

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सूरजपुर, छत्तीसगढ़

By ACGN 7647981711, 9303948009

भैयाथान के सत्यनगर नवापारा आंगनबाड़ी में पेयजल व्यवस्था नहीं, जनप्रतिनिधियों ने दी आंदोलन की चेतावनी

सूरजपुर जिले के भैयाथान जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सत्यनगर के नवापारा आंगनबाड़ी केंद्र में पिछले पंद्रह वर्षों से पेयजल की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं होने का गंभीर मामला सामने आया है। सरकारी योजनाओं और दावों के बावजूद जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक बताई जा रही है, जिससे छोटे बच्चों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जनपद सदस्य प्रतिनिधि अभय प्रताप सिंह से मिली जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण और देखभाल का महत्वपूर्ण केंद्र होता है, लेकिन यहां पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही और व्यवस्था की उदासीनता को साफ तौर पर उजागर करती है।


बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी के इस दौर में केंद्र आने वाले मासूम बच्चों और महिलाओं को पीने के पानी के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है। इससे उनके स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है और आंगनबाड़ी केंद्र की मूल उद्देश्य भी प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस समस्या को लेकर कई बार महिला एवं बाल विकास विभाग को लिखित शिकायत भी दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब पंद्रह वर्षों में भी पानी की व्यवस्था नहीं हो सकी, तो सरकार की योजनाओं के दावे केवल कागजों तक ही सीमित नजर आते हैं। उनका कहना है कि बच्चों और माताओं के लिए बने केंद्र में यदि पानी जैसी मूलभूत सुविधा ही नहीं है तो यह व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।


जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जल्द ही आंगनबाड़ी केंद्र में पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
यह पूरा मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है और अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक इस समस्या का समाधान करते हैं या मासूम बच्चों और महिलाओं की प्यास इसी तरह बनी रहती है।

प्रदीप मिश्रा
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